दैनिक भारतवर्ष | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट
-
सावन से पहले युद्धस्तर पर शुरू होगा जर्जर सड़क का मरम्मत कार्य, रेंजर को दिए गए निर्देश।
-
बड़े-बड़े गड्ढों से मिलेगी राहत; रोहितेश्वर धाम सेवा समिति की मांग पर वन विभाग का एक्शन।
-
आवश्यक NOC मिलते ही शुरू होगी सड़क के स्थायी निर्माण की प्रक्रिया: DFO
न्यूज़ डेस्क : रोहतास
आगामी श्रावण मास (सावन) में प्रसिद्ध रोहितेश्वर धाम मंदिर और ऐतिहासिक रोहतासगढ़ किला आने वाले श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर है। वन विभाग क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रेहल से रोहतासगढ़ किला होते हुए रोहितेश्वर धाम तक की जर्जर सड़क की जल्द मरम्मत कराई जाएगी। लंबे समय से इस मार्ग की खराब स्थिति के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
गड्ढों और जाम से घंटों जूझते थे श्रद्धालु
रोहितेश्वर धाम सेवा समिति के सदस्यों ने सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर कई बार रोहतास के जिलाधिकारी और वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) से मुलाकात कर सड़क सुधार की गुहार लगाई थी।
सावन के महीने में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन इसी मार्ग से मंदिर और किले तक पहुंचते हैं। हालांकि, सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और पथरीले रास्तों के कारण वाहन अक्सर घंटों फंसे रहते हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को काफी असुविधा होती थी।
DFO ने दिए युद्धस्तर पर काम शुरू करने के निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए रोहतास के डीएफओ (DFO) स्टालिन फिडल ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए स्थानीय रेंजर दीपक कुमार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। श्रावण मास शुरू होने से पहले ही युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम हो सके।
जल्द शुरू होगी स्थायी निर्माण की प्रक्रिया
डीएफओ ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि सड़क के स्थायी निर्माण के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। जैसे ही एनओसी मिल जाएगी, सड़क के पक्के निर्माण का काम भी शुरू करा दिया जाएगा, जिससे भविष्य में इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल पर आने-जाने वाले लोगों को एक बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।


