बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर ने ढहाया बीजेपी का 30 साल पुराना किला, 19 हजार से अधिक वोटों से जीते

न्यूज़ डेस्क : पटना | दैनिक भारतवर्ष 

बिहार की राजनीति में 3 अगस्त 2026 का दिन एक बड़ा उलटफेर लेकर आया है। पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 मतों के बड़े अंतर से पराजित कर दिया है। इस जीत के साथ ही बिहार विधानसभा में जन सुराज पार्टी का पहला खाता खुल गया है।

32 राउंड की मतमोजणी के बाद आए अंतिम नतीजों के अनुसार, प्रशांत किशोर को कुल 64,151 वोट (49.23%) मिले, जबकि बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा को 44,827 वोट (34.40%) प्राप्त हुए। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता 14,085 वोट (10.95%) पाकर तीसरे स्थान पर रहीं।

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बीजेपी को हराकर प्रशांत किशोर जीते बांकीपुर

मतों का गणित और चुनावी आंकड़े

प्रत्याशी दल कुल प्राप्त वोट वोट प्रतिशत
प्रशांत किशोर जन सुराज पार्टी 64,151 49.23%
नीरज कुमार सिन्हा भारतीय जनता पार्टी 44,827 34.40%
रेखा गुप्ता राष्ट्रीय जनता दल 14,085 10.95%
जीत का अंतर जन सुराज की जीत 19,324 14.83%

बीजेपी का अभेद्य किला कैसे ढहा?

बांकीपुर सीट पिछले तीन दशकों (1995 से) से लगातार बीजेपी का पारंपरिक गढ़ मानी जाती रही है। यहां से बीजेपी के दिग्गज नेता नितिन नवीन लगातार पांच बार विधायक रहे। उनके राज्यसभा चुने जाने के बाद यह सीट रिक्त हुई थी।

जमीनी स्तर पर विश्लेषण करें तो इस जीत के पीछे मुख्य कारण रहे:

  • खुद मैदान में उतरने का दांव: चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने इस बार किसी अन्य प्रत्याशी को उतारने के बजाय खुद चुनाव लड़ने का फैसला किया, जिससे मतदाताओं के बीच सीधा संदेश गया।

  • स्थानीय मुद्दों पर आक्रामक प्रचार: प्रशांत किशोर ने जातिगत समीकरणों से हटकर शहर के जलजमाव, शिक्षा, रोजगार और व्यवस्थागत सुधार जैसे स्थानीय नागरिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया।

  • पारंपरिक वोट बैंक में सेंध: मतगणना के रुझानों से स्पष्ट हुआ कि बीजेपी के शहरी कैडर वोट और राजद के पारंपरिक वोट बैंक, दोनों में जन सुराज ने बड़ी सेंध लगाई है।

जीत के बाद क्या बोले प्रशांत किशोर?

परिणामों की घोषणा के बाद एएन कॉलेज स्थित मतगणना केंद्र के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा:

“यह मेरी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि बांकीपुर की जनता और बिहार में बदलाव की सोच रखने वाले लोगों की जीत है। यह चुनाव सिर्फ एक विधायक चुनने का नहीं, बल्कि सत्ता में बैठे लोगों को स्पष्ट संदेश देने का था कि जनता अब पारंपरिक राजनीति से ऊब चुकी है।” प्रशांत किशोर, संस्थापक – जन सुराज

बिहार की राजनीति पर दूरगामी असर

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे बिहार के भावी राजनीतिक परिदृश्य के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। पहली बार विधानसभा में प्रवेश करने जा रहे प्रशांत किशोर के सामने एक ओर जहां बांकीपुर की स्थानीय समस्याओं को सुलझाने की चुनौती होगी, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के बीच अपने ‘तीसरे विकल्प’ के एजेंडे को स्थापित करने की परीक्षा भी होगी।

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