रूस का यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़ा हमला: 9 लोगों की मौत, 28 घायल; कई रिहाइशी इमारतें जमींदोज

डिजिटल डेस्क : दैनिक भारतवर्ष | विशेष रिपोर्ट 

रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के बीच राजधानी कीव एक बार फिर भीषण हमले की चपेट में आ गई है। तड़के हुए इस ताजा हमले में कम से कम 9 नागरिकों की जान चली गई, जबकि 28 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों के अनुसार, हमले में कई रिहाइशी इमारतों और नागरिक बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है।

भोर के अंधेरे में हुआ अचानक हमला

स्थानीय समयानुसार तड़के जब शहर के अधिकांश लोग सो रहे थे, तभी वायु रक्षा सायरन बज उठे। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, रूस की ओर से दागी गईं मिसाइलों और ड्रोन के मलबे कीव के घनी आबादी वाले इलाकों में गिरे। धमाकों की आवाज से पूरा शहर दहल उठा और कई इमारतों में भीषण आग लग गई।

यूक्रेनी वायुसेना ने दावा किया कि उन्होंने कई हवाई खतरों को हवा में ही निष्प्रभावी कर दिया था, लेकिन मलबे और सीधे प्रहार के कारण बड़े पैमाने पर तबाही हुई।

Russia Ukraine Wa
रूस यूक्रेन युद्ध की सांकेतिक/फाइल फोटो/दैनिक भारतवर्ष

इमारतों को भारी नुकसान, मलबे में दबे लोग

हमले के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाएं (Emergency Services) मौके पर पहुंचीं। कीव के कई हिस्सों में बहुमंजिला रिहाइशी इमारतें आंशिक रूप से ढह गई हैं।

  • हताहतों का आंकड़ा: अब तक 9 शवों को मलबे से निकाला जा चुका है।

  • घायलों की स्थिति: 28 घायलों में से कई की हालत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

  • राहत कार्य: दमकलकर्मी और बचाव दल मलबे में फंसे अन्य संभावित लोगों को निकालने के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित

इस हमले का असर शहर की बुनियादी सेवाओं पर भी पड़ा है। हमले के कारण कई क्षेत्रों में बिजली की लाइनें और पानी के पाइप क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिक सुरक्षा टीमों ने प्रभावित इलाकों में अस्थायी आश्रय स्थल और आपातकालीन सहायता केंद्र स्थापित किए हैं।

दोनों पक्षों का रुख और वर्तमान स्थिति

यूक्रेनी प्रशासन ने इस हमले को नागरिक ठिकानों पर लक्षित बर्बरता करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से और अधिक वायु रक्षा प्रणाली प्रदान करने की मांग की है।

वहीं, दूसरी ओर रूस का लगातार यह कहना रहा है कि उसके सैन्य अभियान केवल यूक्रेन के सैन्य बुनियादी ढांचे, कमान केंद्रों और आपूर्ति लाइनों को निशाना बनाते हैं, न कि आम नागरिकों को। हालांकि, जमीनी स्तर पर इस युद्ध का सबसे बड़ा खामियाजा आम जनता को ही भुगतना पड़ रहा है।

फिलहाल कीव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। बचाव अभियान पूरा होने के बाद हताहतों की संख्या में बदलाव की आशंका जताई जा रही है।

Share Now

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top