ईओ विमल कुमार हत्याकांड: औरंगाबाद के बारुण नहर मार्ग पर जानलेवा हमला, चाट में मिली गाड़ी; ड्राइवर ने कबूला जुर्म
न्यूज़ डेस्क : डेहरी-ऑन-सोन | दैनिक भारतवर्ष
डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र की है, जहाँ अपराधी ने पटना जाने के दौरान ईओ को निशाना बनाया। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड से प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
पटना जाने के दौरान सुनसान नहर मार्ग पर हमला
प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार डेहरी से पटना के लिए निकले थे। इसी दौरान बारुण-पटना मार्ग स्थित नहर के पास एक सुनसान इलाके में उनकी गाड़ी को निशाना बनाकर हमला किया गया।
वारदात के बाद बारुण-पटना रोड किनारे पानी भरे चाट (खड्डे) में ईओ की गाड़ी लावारिस और दुर्घटनाग्रस्त स्थिति में गिरी हुई पाई गई। हमले में गंभीर रूप से घायल विमल कुमार को आनन-फानन में तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटनास्थल पर पहुंचे रोहतास-औरंगाबाद के डीएम और एसपी
घटना की जानकारी मिलते ही रोहतास के जिलाधिकारी (DM), रोहतास एसपी, औरंगाबाद एसपी समेत दोनों जिलों के वरीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल और चाट में गिरी गाड़ी का गहनता से निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम (FSL) को भी बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं।
खाकी की पूछताछ के आगे टूटा चालक, कबूला हत्या का राज
मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने गाड़ी के चालक मिथलेश कुमार को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की। पुलिसिया पूछताछ के सामने चालक ज्यादा देर टिक न सका और उसने ईओ विमल कुमार की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
मामले की जानकारी देते हुए मगध प्रक्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने बताया:
“गाड़ी मिलने के बाद संदेह के आधार पर चालक से कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें उसने हत्या की बात स्वीकार की है। फिलहाल चालक पुलिस की हिरासत में है और मामले की हर बिंदु से गहनता से जांच की जा रही है।”
— विकास वैभव, आईजी (मगध प्रक्षेत्र)
दुर्घटना का रूप देने की कोशिश या बड़ी साजिश?
चालक के जुर्म कबूलने के बावजूद पुलिस इस मामले को सिर्फ चालक तक सीमित मानकर नहीं चल रही है। जिस तरह गाड़ी नहर मार्ग के किनारे चाट में गिरी मिली, उससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी।
पुलिस अब निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच केंद्रित कर रही है:
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क्या इस हत्याकांड में ड्राइवर के साथ कुछ अन्य अपराधी भी शामिल थे?
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वारदात के पीछे की असली मंशा (मोटिव) क्या थी—व्यक्तिगत रंजिश या कोई प्रशासनिक विवाद?
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क्या गाड़ी को जानबूझकर साक्ष्य मिटाने की नीयत से चाट में गिराया गया था?
आईजी विकास वैभव ने स्पष्ट किया है कि पुलिस वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को मजबूती से जुटा रही है ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
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