न्यूज़ डेस्क : नई दिल्ली
देश की राजधानी का ऐतिहासिक प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर शनिवार, 25 जुलाई 2026 को अचानक ढोल-नगाड़ों की गूंज और जोरदार आतिशबाजी से सराबोर हो गया। मौका था केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद से इस्तीफे का, जिसके सामने आते ही वहां लंबे समय से आंदोलन कर रहे लोगों के चेहरे खिल उठे। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम को अपनी सबसे बड़ी जीत मानते हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विरोध स्थल पर ही जमकर जश्न मनाया और एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया।

गौरतलब है कि शिक्षा प्रणाली, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन और छात्र हितों से जुड़े कई मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर काफी समय से लगातार धरना दिया जा रहा था। जैसे ही शनिवार दोपहर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सोशल मीडिया और समाचार चैनलों के जरिए आग की तरह फैली, पूरे धरना स्थल पर खुशी का माहौल छा गया। हाथों में तख्तियां और अपनी पार्टी के झंडे लिए समर्थक हवा में उछलने लगे और जयकारे लगाने लगे।
CJP के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने ढोल की थाप पर पारंपरिक नृत्य किया और एक-दूसरे पर जमकर अबीर-गुलाल उड़ाया। प्रदर्शन में शामिल लोगों का साफ कहना था कि यह इस्तीफा सिर्फ एक मंत्री का हटना नहीं है, बल्कि यह आम लोगों, छात्रों और युवाओं के लंबे संघर्ष की ऐतिहासिक जीत है। पार्टी के एक मुख्य प्रवक्ता ने उत्साहपूर्वक कहा, “हम लगातार जनहित के मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे थे। आज सरकार को हमारी मांगों के आगे झुकना पड़ा है। यह जश्न उस हर व्यक्ति का है जिसने हमारे इस आंदोलन में हमारा साथ दिया।”

जश्न का यह दौर सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं तक ही सीमित नहीं रहा। उत्साही समर्थकों ने राहगीरों, मीडियाकर्मियों और वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी मिठाइयां बांटीं। शाम तक जंतर-मंतर पर मेले जैसा नजारा देखने को मिला, जहां हर कोई इस बड़े बदलाव पर चर्चा कर रहा था। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शिक्षा मंत्रालय की अगली कमान किसके हाथों में सौंपी जाती है, लेकिन फिलहाल तो जंतर-मंतर पर केवल जीत के नारों की गूंज सुनाई दे रही है।


