दानापुर आर्मी कैंट में आयोजित प्रशिक्षण एवं चयन शिविर के बाद 20 खिलाड़ियों का चयन; बिहार का पहला मुकाबला 1 सितंबर को राजस्थान से
न्यूज़ डेस्क : रोहतास | दैनिक भारतवर्ष
सासाराम: बिहार के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए बड़ी खबर है। डॉ. बी.सी. रॉय ट्रॉफी 2026 में भाग लेने के लिए बिहार जूनियर फुटबॉल टीम की घोषणा कर दी गई है। चयनित टीम की कमान गोविंदा कुमार साहनी को सौंपी गई है, जिन्हें टीम का कप्तान बनाया गया है।
बिहार फुटबॉल एसोसिएशन के तत्वावधान में तथा पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा के सहयोग से पटना स्थित दानापुर आर्मी कैंट में युवा फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण एवं चयन शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बाद आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए 20 सदस्यीय बिहार जूनियर टीम का चयन किया गया।
प्रदर्शन के आधार पर हुआ खिलाड़ियों का चयन
बिहार फुटबॉल संघ के संयोजक राहुल सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण एवं चयन शिविर में खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता, फिटनेस, खेल कौशल और मैदान पर प्रदर्शन के आधार पर टीम का चयन किया गया है।
डॉ. बी.सी. रॉय ट्रॉफी 2026 के लिए बिहार टीम में निम्नलिखित 20 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है—
बादल कुमार, बरुण कुमार, गोविंदा कुमार साहनी, भारत कुमार, नितेश कुमार, राज कुमार, रवि कुमार, रौनक कुमार सिंह (गोलकीपर), प्रभात कुमार, रजकिशोर उरांव, राकेश बसकी, दिव्यांश कुमार (गोलकीपर), आकाश कुमार, स्नेहन चौहान, सानू किस्कू, शनि कुमार, अविनाश कुमार, आदित्य कुमार, अमन कुमार एवं स्वदेश सिंह।
गोविंदा कुमार साहनी को मिली टीम की कप्तानी
चयनित बिहार जूनियर टीम का नेतृत्व गोविंदा कुमार साहनी करेंगे। टीम के साथ संतोष कुमार सिंह को हेड कोच तथा सैयद बेलाल अहमद को टीम मैनेजर की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशिक्षण एवं चयन शिविर के दौरान दोनों अधिकारियों ने खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और टीम संयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम के चयन के बाद हेड कोच और मैनेजर बिहार टीम के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रवाना हुए हैं। प्रतियोगिता के दौरान दोनों अधिकारी खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने के साथ टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
1 सितंबर को राजस्थान से होगा बिहार का पहला मुकाबला
बिहार फुटबॉल संघ के संयोजक राहुल सिंह के अनुसार डॉ. बी.सी. रॉय ट्रॉफी 2026 में बिहार टीम अपने ग्रुप चरण के तीन महत्वपूर्ण मुकाबले खेलेगी।
बिहार टीम का मुकाबला कार्यक्रम
- 1 सितंबर 2026 — बिहार बनाम राजस्थान
- 3 सितंबर 2026 — बिहार बनाम उत्तराखंड
- 5 सितंबर 2026 — बिहार बनाम झारखंड
ये सभी मुकाबले रामकृष्ण आश्रम फुटबॉल खेल मैदान, जिला नारायणपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित किए जाएंगे।
ग्रुप चरण में बेहतर प्रदर्शन कर अपने समूह में सफल रहने वाली टीम को प्रतियोगिता के अगले चरण यानी फाइनल राउंड के लिए क्वालीफाई करने का अवसर मिलेगा।
बिहार टीम से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद
राहुल सिंह ने बिहार टीम में चयनित सभी खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों को डॉ. बी.सी. रॉय ट्रॉफी 2026 के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा खिलाड़ियों की यह टीम प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करेगी और बिहार फुटबॉल को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने में सफल होगी।
उन्होंने कहा कि चयन शिविर के दौरान खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम में प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों का संतुलित संयोजन देखने को मिला है। अब टीम की नजर ग्रुप चरण में मजबूत प्रदर्शन कर अगले दौर में जगह बनाने पर होगी।
किसके नाम पर आयोजित होती है डॉ. बी.सी. रॉय ट्रॉफी?
डॉ. बी.सी. रॉय ट्रॉफी का नाम प्रसिद्ध चिकित्सक एवं राजनेता डॉ. बिधान चंद्र राय के नाम पर रखा गया है। वे पश्चिम बंगाल के प्रथम मुख्यमंत्री थे और वर्ष 1948 में इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी।
डॉ. बिधान चंद्र राय का भारतीय सार्वजनिक जीवन, चिकित्सा और प्रशासन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके सम्मान में आयोजित डॉ. बी.सी. रॉय ट्रॉफी युवा फुटबॉल प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच मानी जाती है।
अब ग्रुप चरण में बिहार की परीक्षा
बिहार जूनियर टीम के सामने अब राजस्थान, उत्तराखंड और झारखंड के खिलाफ लगातार तीन चुनौतीपूर्ण मुकाबले हैं। इन मैचों में टीम का प्रदर्शन ही तय करेगा कि बिहार फाइनल राउंड की दौड़ में आगे बढ़ पाता है या नहीं।
गोविंदा कुमार साहनी की कप्तानी में युवा खिलाड़ियों की यह टीम राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार के लिए बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। राज्य के खेल प्रेमियों की नजर अब 1 सितंबर से शुरू होने वाले बिहार के मुकाबलों पर रहेगी।
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