गया के भोरी गांव में नवंबर 2024 के पुलिस हमला मामले की दोबारा पड़ताल, घटनास्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से पूछताछ; दोनों पक्षों के आरोपों की जांच पर जोर
न्यूज़ डेस्क : गया | दैनिक भारतवर्ष
टिकारी: गया जिले के टिकारी अनुमंडल क्षेत्र स्थित भोरी गांव में करीब दो साल पुराने पुलिस टीम पर हमले के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। नवंबर 2024 में पैक्स चुनाव के दौरान हुई इस घटना से जुड़े मामले की जांच करने के लिए मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) विकास वैभव 29 अगस्त 2026, शनिवार को भोरी गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े ग्रामीणों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली।
कब हुई थी घटना?
उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्ट के अनुसार मूल घटना नवंबर 2024 में पैक्स चुनाव के दौरान हुई थी। हालांकि, वर्तमान में उपलब्ध रिपोर्टों में घटना की सटीक तारीख और समय का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए इस संबंध में किसी निश्चित तारीख या समय का दावा करना उचित नहीं होगा।
वहीं, इस पुराने मामले की जांच के लिए आईजी विकास वैभव 29 अगस्त 2026 को भोरी गांव पहुंचे थे। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ मामले से जुड़े ग्रामीणों से पूछताछ की।
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम पर हमले का आरोप
मामला तत्कालीन पुरा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक पुलिस टीम एक नामजद आरोपी के घर छापेमारी करने गई थी। इसी दौरान पुलिस टीम के साथ कथित तौर पर मारपीट और हमला किए जाने का आरोप लगाया गया।
तत्कालीन पुरा थानाध्यक्ष रंजन कुमार की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस टीम पर हमला, सरकारी काम में बाधा डालने समेत कई आरोपों में तत्कालीन पैक्स अध्यक्ष वृषकेतु कुमार सहित चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह मामला पुरा थाना कांड संख्या 80/24 के रूप में दर्ज है।
पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ भी सामने आया दूसरा पक्ष
मामले में बाद में दूसरा पक्ष भी सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार वृषकेतु कुमार की मां कृष्णा शर्मा ने तत्कालीन पुरा थानाध्यक्ष रंजन कुमार के खिलाफ न्यायालय में कंप्लेंट केस दायर किया था।
इस शिकायत में पुलिस की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं। ऐसे में इस मामले में केवल पुलिस की ओर से लगाए गए आरोप ही नहीं, बल्कि दूसरे पक्ष की शिकायत और उसके दावों की जांच भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
पिता की मौत को लेकर भी पुलिस पर आरोप
मामले में कुछ महीने पहले एक और गंभीर शिकायत सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक वृषकेतु कुमार के भाई और सीआईएसएफ जवान राहुल कुमार ने पुलिस महानिदेशक (DGP) से शिकायत की।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि पुलिस ने राहुल कुमार के पिता सुधांशु शर्मा के साथ कथित रूप से मारपीट की थी और पुलिस की कथित मारपीट के कारण उनकी मौत हुई। यह आरोप शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से लगाया गया है और इसकी सत्यता जांच का विषय है।
अब IG विकास वैभव कर रहे मामले की जांच
मामले में दोनों पक्षों से अलग-अलग आरोप सामने आने के बाद इसकी निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो गई है। इसी क्रम में मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने 29 अगस्त 2026 को भोरी गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
आईजी ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से बातचीत की और घटना से संबंधित जानकारी जुटाई। आईजी के इस दौरे के बाद पुराने मामले की जांच को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा फिर तेज हो गई है।
आईजी मगध रेंज के आधिकारिक सोशल मीडिया अपडेट में भी 29 अगस्त 2026 को गया जिले के पुरा थाना कांड संख्या 80/24 के घटनास्थल का भ्रमण किए जाने की जानकारी दी गई है।
दो अलग शिकायतों के कारण जांच और महत्वपूर्ण
इस मामले की खास बात यह है कि एक तरफ पुलिस ने आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान पुलिस टीम पर हमला किया गया और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई गई, वहीं दूसरी तरफ आरोपी पक्ष की ओर से पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
ऐसी स्थिति में जांच के दौरान घटनास्थल, प्राथमिकी, दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और संबंधित परिस्थितियों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। किसी भी पक्ष को अंतिम रूप से दोषी ठहराने से पहले जांच और न्यायिक प्रक्रिया का पूरा होना जरूरी है।
क्या है अब तक की स्थिति?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार:
- मूल घटना: नवंबर 2024, पैक्स चुनाव के दौरान
- घटनास्थल: भोरी गांव, पुरा थाना क्षेत्र, गया
- मामला: पुरा थाना कांड संख्या 80/24
- पुलिस का आरोप: छापेमारी के दौरान पुलिस टीम पर हमला और सरकारी कार्य में बाधा
- प्राथमिकी: तत्कालीन पुरा थानाध्यक्ष रंजन कुमार की शिकायत पर
- नामजद: तत्कालीन पैक्स अध्यक्ष वृषकेतु कुमार समेत चार लोग
- दूसरी शिकायत: तत्कालीन थानाध्यक्ष के खिलाफ कृष्णा शर्मा की ओर से न्यायालय में कंप्लेंट केस
- बाद की शिकायत: राहुल कुमार की ओर से DGP को शिकायत, जिसमें उनके पिता सुधांशु शर्मा के साथ कथित पुलिस मारपीट और मौत का आरोप
- नई जांच: 29 अगस्त 2026 को आईजी विकास वैभव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से जानकारी ली।
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