रोहतास के डालमियानगर के मनेरी बीघा की घटना, बैलून निकालने के दौरान खुले नाले में गिरा ढाई साल का रियांश; आरसीसी पाइप काटकर निकाला गया, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
न्यूज़ डेस्क : रोहतास | दैनिक भारतवर्ष
डालमियानगर: राखी के त्योहार की खुशियों के बीच रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। मनेरी बीघा में अपनी मौसेरी बहन से राखी बंधवाने आया करीब ढाई साल का मासूम रियांश खेलते समय खुले नाले में गिर गया और पानी निकासी के लिए बिछाए गए आरसीसी पाइप में फंस गया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
बैलून निकालने के दौरान नाले में गिरा मासूम
जानकारी के मुताबिक कैमूर जिले के सबार थाना क्षेत्र निवासी रोहित पासवान अपनी पत्नी रिंकी देवी और ढाई साल के बेटे रियांश के साथ राखी के अवसर पर डालमियानगर के मनेरी बीघा स्थित मौसी के घर आए थे। घर में त्योहार की तैयारियां चल रही थीं।
बताया गया कि दोपहर के समय रियांश बैलून से खेलते-खेलते घर से बाहर चला गया। इसी दौरान उसका बैलून घर के पास बने खुले नाले में पड़े आरसीसी पाइप में चला गया। बैलून निकालने की कोशिश में बच्चा नाले में गिर गया और पाइप के अंदर फंस गया।

सीसीटीवी फुटेज से हादसे का चला पता
रियांश के काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों और आसपास के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली गई, जिसमें बच्चे के नाले की ओर जाने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर डालमियानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।
आरसीसी पाइप काटकर निकाला गया बच्चा
बच्चे के आरसीसी पाइप के भीतर फंस जाने के कारण रेस्क्यू में काफी परेशानी हुई। करीब चार घंटे तक चले प्रयास के बाद ड्रिल मशीन की मदद से पाइप को काटकर रियांश को बाहर निकाला गया।
बाहर निकाले जाने के समय बच्चा अचेत अवस्था में था। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे सीपीआर देने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस वाहन से उसे डेहरी अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। डेहरी अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राम लखन सिंह के अनुसार, करीब ढाई साल के बच्चे को अस्पताल लाया गया था और उसकी मौत पहले ही हो चुकी थी। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
राखी की खुशियां मातम में बदलीं
जिस घर में राखी के त्योहार की तैयारियां चल रही थीं, वहां मासूम की मौत की खबर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद मनेरी बीघा और आसपास के इलाके में भी शोक का माहौल है।
यह हादसा खुले नालों और असुरक्षित जल निकासी संरचनाओं के आसपास छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि घटना के कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस जांच का इंतजार किया जाना आवश्यक है।
डॉ. राम लखन सिंह, चिकित्सक, डेहरी अनुमंडलीय अस्पताल के अनुसार: बच्चे को अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। आवश्यक प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।















