रोहतास के कोचस बाजार स्थित होटल आशीर्वाद इंटरनेशनल में पुलिस की कार्रवाई, एक युवक और होटल के दो कर्मी हिरासत में; होटल सील करने की प्रक्रिया शुरू
न्यूज़ डेस्क : रोहतास | दैनिक भारतवर्ष
कोचस: रोहतास जिले के कोचस बाजार स्थित होटल आशीर्वाद इंटरनेशनल में कथित देह व्यापार से जुड़ी गतिविधियों की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की। कार्रवाई SDPO-2 (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2), सासाराम, संजीव कुमार के नेतृत्व में किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान होटल के एक कमरे से 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को एक युवक के साथ आपत्तिजनक स्थिति में बरामद किया गया।
पुलिस ने मौके से युवक के अलावा होटल के दो कर्मियों को भी गिरफ्तार किया है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
एक युवक और होटल के दो कर्मी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक की पहचान प्रीतम कुमार (26), पिता लालजी राय, ग्राम देवखैरा, थाना कोचस, जिला रोहतास के रूप में हुई है।
मामले में होटल के दो कर्मियों को भी गिरफ्तार किया गया है। इनमें नीलेश कुमार, पिता सरोज सिंह, ग्राम पानापुर, थाना धनसोई, जिला बक्सर और हरिओम कुमार, पिता अरुण साह, ग्राम फैजलगंज, थाना सासाराम, जिला रोहतास शामिल बताए गए हैं।
पुलिस ने मामले में होटल मालिक प्रभाकर श्रीवास्तव सहित संबंधित आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी दी है।
होटल को सील करने की प्रक्रिया
छापेमारी के बाद होटल को सील करने की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि होटल में कथित गतिविधियां किस स्तर तक संचालित थीं और इसमें अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं।
इस मामले में पुलिस की जांच के दौरान होटल से जुड़े रिकॉर्ड, कर्मचारियों की भूमिका और वहां आने-जाने वाले लोगों से संबंधित जानकारियां भी महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
तिलौथू, डेहरी और हाईवे के रेस्टोरेंट भी जांच के दायरे में?
मामले के सामने आने के बाद पुलिस की नजर रोहतास के अन्य होटल और रेस्टोरेंट पर भी होने की चर्चा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार तिलौथू, डेहरी और हाईवे पर संचालित कुछ रेस्टोरेंट/होटल में भी जल्द छापेमारी किए जाने के संकेत हैं।
हालांकि, इन स्थानों पर छापेमारी की आधिकारिक पुष्टि अभी अलग से सामने नहीं आई है। इसलिए इन्हें फिलहाल संभावित पुलिस कार्रवाई के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
नाबालिग की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित
मामले में नाबालिग लड़की की पहचान से संबंधित किसी भी जानकारी को सार्वजनिक करना उचित नहीं है। कानून के तहत नाबालिग पीड़िता/बच्चे की पहचान की गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है। इसलिए खबर में उसकी पहचान बताने वाली कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजर
कोचस में हुई इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर होटल और रेस्टोरेंट में होने वाली गतिविधियों को लेकर पुलिस की निगरानी बढ़ने की संभावना है। फिलहाल पुलिस की जांच और प्राथमिकी में सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट होगा कि पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका थी और आरोपों की वास्तविकता क्या है।
दैनिक भारतवर्ष का निष्पक्ष पक्ष: इस खबर में लगाए गए आरोप पुलिस कार्रवाई और उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित हैं। किसी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने से पहले उसे आरोपी के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले की आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।















