हनुमान सेना और नगर पूजा समिति के आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु हुए शामिल; बैंड-बाजे के साथ मां ताराचंडी धाम पहुंचकर की पूजा-अर्चना
न्यूज़ डेस्क : रोहतास | दैनिक भारतवर्ष
सासाराम: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर शुक्रवार को सासाराम में धार्मिक आस्था और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। हनुमान सेना और नगर पूजा समिति के तत्वावधान में शिवघाट से मां ताराचंडी धाम तक भव्य चुनरी-कढ़ैया शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजे की धुन, हाथी, घोड़े और ऊंट के साथ निकली यात्रा ने शहर के धार्मिक वातावरण को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया।
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी शामिल हुए। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार, 28 अगस्त को निकली इस यात्रा में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और शिवघाट से ताराचंडी धाम तक धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा।
शिवघाट से शुरू हुई आस्था की यात्रा
शोभायात्रा सासाराम के शिवघाट परिसर से पूजा सामग्री और चुनरी-कढ़ैया के साथ प्रारंभ हुई। यात्रा के आगे बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ती गई। धार्मिक जयकारों और बैंड-बाजे की धुनों के बीच शहर के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ शोभायात्रा का स्वागत किया।
आयोजित यात्रा बस्ती मोड़, नवरत्न बाजार, चौक बाजार और सागर सहित विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए मां ताराचंडी धाम पहुंची। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

हाथी, ऊंट और घोड़े बने शोभायात्रा का खास आकर्षण
इस धार्मिक यात्रा का सबसे आकर्षक दृश्य हाथी, ऊंट और घोड़ों की मौजूदगी रही। इनके साथ चल रहे बैंड-बाजे ने शोभायात्रा को और भव्य स्वरूप दिया। धार्मिक आस्था और पारंपरिक आयोजन के इस संगम को देखने के लिए मार्ग के किनारे भी लोगों की भीड़ जुटी रही।
यात्रा में शामिल श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का वातावरण तैयार कर दिया।
मां ताराचंडी धाम पहुंचकर श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
शोभायात्रा मां ताराचंडी धाम पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भक्तों ने मां ताराचंडी से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय भविष्य की कामना की।
मां ताराचंडी धाम रोहतास और आसपास के क्षेत्रों के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है और यहां वर्ष भर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस वर्ष भी रक्षाबंधन के अवसर पर शोभायात्रा के पहुंचने से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिला।
धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक एकता का संदेश
शोभायात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश भी दिखाई दिया। अलग-अलग इलाकों से पहुंचे श्रद्धालुओं और शहरवासियों ने एक साथ इस आयोजन में भाग लेकर सामूहिक भागीदारी का परिचय दिया।
आयोजकों का कहना था कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने के साथ-साथ समाज में आपसी प्रेम और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
कई सामाजिक और धार्मिक कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व विधायक एवं नगर पूजा समिति, रोहतास के संरक्षक जवाहर प्रसाद, अध्यक्ष डॉ. शिवनाथ चौधरी, संयोजक कमलेश महतो, मंगलानंद पाठक, महामंत्री संतोष कुमार, संगठन मंत्री रामइकबाल सिंह, महेंद्र कांस्यकार, उपाध्यक्ष रजनीश कुमार वर्मा, अरुण कांस्यकार, सुशील सोनी, गिरजा दुबे, डॉ. सरोज कुमार, राजेश कुमार, जितेंद्र केशरी, रंजीत साहू, सुनील कुशवाहा, बजरंगी कुमार, मदन पुजारी, सानू तिवारी, श्याम चौरसिया, छट्टु पाल, जयचन्द महतो, श्यामा सोनकर, रवि कुमार, विशाल कुमार और अमन दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं शहरवासी उपस्थित रहे।
रक्षाबंधन पर आस्था और उत्साह का संगम
रक्षाबंधन के पर्व पर आयोजित इस चुनरी-कढ़ैया शोभायात्रा ने सासाराम के धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को विशेष रंग दिया। एक ओर श्रद्धालुओं ने मां ताराचंडी के दरबार में पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं दूसरी ओर सामूहिक भागीदारी ने सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।
शिवघाट से मां ताराचंडी धाम तक निकली यह यात्रा रक्षाबंधन के दिन सासाराम में आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता के एक बड़े आयोजन के रूप में यादगार रही।
— दैनिक भारतवर्ष | “व्यूज़ नहीं, न्यूज़ की बात”















