पटना के दानापुर में बाइक सवार दो बदमाशों ने रैपिडो से घर लौट रही नाबालिग छात्रा को बनाया निशाना; पहली गोली से रैपिडो चालक घायल, बाद में टेलर की दुकान से बाहर निकालकर छात्रा को गोली मारी गई। पुलिस CCTV और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।
न्यूज़ डेस्क : पटना | दैनिक भारतवर्ष
दानापुर में दिनदहाड़े गोलीबारी से दहशत
पटना: बिहार की राजधानी पटना से सटे दानापुर में नाबालिग छात्रा पर गोली चलाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। रविवार शाम आरपीएस मोड़ और आर्य समाज रोड इलाके में बाइक सवार दो बदमाशों ने रैपिडो बाइक से घर लौट रही छात्रा को निशाना बनाकर फायरिंग की।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक छात्रा ने गोली से बचने के लिए झुकने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान चली गोली रैपिडो चालक राहुल कुमार की कमर में जा लगी। गोली लगने के बाद बाइक अनियंत्रित हुई और दोनों सड़क पर गिर गए।
जान बचाने के लिए टेलर की दुकान में छिपी छात्रा
रैपिडो चालक के घायल होने के बाद छात्रा किसी तरह वहां से निकलकर आर्य समाज मंदिर के सामने स्थित एक टेलर की दुकान में पहुंची। उसने दुकान में मौजूद व्यक्ति से मदद मांगी और खुद को बचाने के लिए उसके पीछे छिप गई।
लेकिन हमलावरों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। रिपोर्टों के अनुसार दोनों बदमाश दुकान तक पहुंचे और हथियार के बल पर छात्रा को बाहर निकालने की कोशिश की। इसके बाद उसे दुकान से बाहर खींचकर गोली मार दी गई। गोली छात्रा के कंधे में लगी।
पहली गोली रैपिडो चालक को लगी
इस घटना में रैपिडो चालक भी घायल हुआ है। पुलिस के अनुसार पहली फायरिंग में छात्रा के झुक जाने के कारण गोली चालक को लग गई। बाद में हमलावरों ने छात्रा का पीछा करते हुए टेलर की दुकान तक पहुंचकर उस पर दोबारा गोली चलाई। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक छात्रा और रैपिडो चालक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
प्रेम-प्रसंग के एंगल से जांच
पुलिस की शुरुआती जांच में घटना के पीछे प्रेम-प्रसंग का कोण सामने आया है। ताजा पुलिस जांच में आरोपी को छात्रा का पूर्व प्रेमी बताए जाने की बात सामने आई है, हालांकि मामले की पूरी तस्वीर आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए इस पहलू को फिलहाल पुलिस जांच का हिस्सा माना जा रहा है, अंतिम निष्कर्ष नहीं।
CCTV और FSL से जुटाए जा रहे सबूत
घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। FSL टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार मौके से 315 बोर के दो खोखे बरामद किए गए हैं।
पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य तथा अन्य उपलब्ध जानकारी की मदद ले रही है। घटना के 24 घंटे बाद तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए गए हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
दानापुर की इस घटना ने पटना में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा तथा सार्वजनिक स्थानों पर हथियारबंद अपराधियों के दुस्साहस को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खास बात यह है कि छात्रा ने हमलावरों से बचने के लिए सुरक्षित स्थान समझकर दुकान में शरण ली, लेकिन आरोपी वहां तक पहुंच गए।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना और फायरिंग के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाना है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में कितने लोग शामिल थे और हमले की पूरी साजिश किस तरह तैयार की गई थी।
दैनिक भारतवर्ष की नजर
पटना के दानापुर में नाबालिग छात्रा पर हुई फायरिंग की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार प्रेम-प्रसंग का कोण सामने आया है, लेकिन मामले के सभी तथ्यों की पुष्टि आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की जांच के बाद ही होगी। ‘दैनिक भारतवर्ष’ इस मामले में पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और नए अपडेट पर नजर बनाए रखेगा।















