उत्तर प्रदेश के सीतापुर में 16 वर्षीय किशोरी के लापता होने के चार दिन बाद उसका शव पेड़ से लटका मिला। परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। मामले में चौकी इंचार्ज को निलंबित कर थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है।
न्यूज़ डेस्क : लखनऊ | दैनिक भारतवर्ष
सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में 16 वर्षीय किशोरी की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में तनाव और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कोतवाली देहात क्षेत्र के सहरोई गांव से चार दिन पहले लापता हुई किशोरी का शव शुक्रवार शाम गांव के पास पेड़ से लटका मिला। घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, किशोरी 11 अगस्त की शाम से लापता थी। परिजनों ने उसकी तलाश की और कुछ लोगों पर उसे बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू की थी।
चार दिन बाद पेड़ से मिला शव
रिपोर्ट के अनुसार, किशोरी का शव गांव से करीब 500 मीटर दूर कब्रिस्तान के पास एक पेड़ से लटका हुआ मिला। ग्रामीणों की नजर शव पर पड़ने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की।
मामले की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि किशोरी की मौत हत्या है या आत्महत्या; मौत की परिस्थितियों और अन्य तथ्यों को लेकर जांच जारी है।

तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ
किशोरी के परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि किशोरी के लापता होने और बाद में शव मिलने के बीच क्या परिस्थितियां रहीं।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, चौकी इंचार्ज निलंबित
मामले में पुलिस की कार्यशैली भी जांच के दायरे में आ गई है। किशोरी के लापता होने की सूचना के बाद उसकी तलाश में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे। इसके बाद चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है, जबकि संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है।
यह कार्रवाई इस बात की जांच के लिए भी महत्वपूर्ण है कि किशोरी के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए थे और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई।
जांच के बाद साफ होगी मौत की वजह
फिलहाल पुलिस की जांच कई बिंदुओं पर केंद्रित है। पोस्टमार्टम और अन्य जांच से मौत की वास्तविक वजह तथा घटनाक्रम की परिस्थितियों के बारे में अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के साथ घटनास्थल और उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
मामले में किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। इसलिए अभी सामने आए आरोपों और पुलिस कार्रवाई को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
दैनिक भारतवर्ष की नजर में
सीतापुर की यह घटना केवल किशोरी की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लापता नाबालिगों की शिकायतों पर शुरुआती पुलिस कार्रवाई और उनकी तलाश की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आते हैं। अब जांच का मुख्य बिंदु यही रहेगा कि किशोरी के साथ वास्तव में क्या हुआ और उसकी मौत के लिए कोई आपराधिक जिम्मेदारी बनती है या नहीं।


















