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पटना में सावन महोत्सव के जरिए महिलाओं की प्रतिभा को मिला मंच, माया श्रीवास्तव ने कहा- ऐसे आयोजन से बढ़ता है आत्मविश्वास

समर्थ नारी समर्थ भारत के पटना स्थित राज्य कार्यालय में हुआ आयोजन, विभिन्न राज्यों की महिलाओं ने गीत-संगीत और नृत्य से दिखाई सांस्कृतिक प्रतिभा

न्यूज़ डेस्क : पटना | दैनिक भारतवर्ष

पटना: समर्थ नारी समर्थ भारत की ओर से पटना के पुनाइचक स्थित राज्य कार्यालय में सावन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गीत-संगीत व नृत्य के माध्यम से अपनी कला एवं सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पुष्पा पाठक ने की, जबकि संचालन संगीता दुबे और धन्यवाद ज्ञापन अर्चना कुमारी ने किया। इस दौरान महिलाओं ने धार्मिक गीतों के साथ-साथ भोजपुरी, मैथिली, अंगिका, बंगाली और असमिया गीत प्रस्तुत किए। गीतों और नृत्य की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

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पटना सावन महोत्सव शामिल विभिन्न राज्यों से आईं महिलाएं (फोटो/दैनिक भारतवर्ष)

महिलाओं को जोड़ने वाला मंच है सावन महोत्सव

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन की राष्ट्रीय सह संयोजिका एवं बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल की प्रभारी माया श्रीवास्तव ने कहा कि सावन महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है। यह महिलाओं को आपस में जोड़ने और उनकी प्रतिभा को सामने लाने का माध्यम भी है।

उन्होंने कहा कि समर्थ नारी समर्थ भारत की ओर से बिहार और झारखंड के कई जिलों के अलावा छत्तीसगढ़, रायपुर, बेंगलुरु, असम के दिसपुर, कोलकाता और मुंबई में भी ऐसे आयोजन किए गए हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को अपनी प्रतिभा और विचारों को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर देना है।

गीत-संगीत के जरिए दिखी सांस्कृतिक विविधता

सावन महोत्सव में अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने अपनी-अपनी संस्कृति के अनुरूप प्रस्तुतियां दीं। भोजपुरी, मैथिली, अंगिका, बंगाली और असमिया गीतों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक विविधता का माहौल बनाया।

आयोजकों के अनुसार, ऐसे आयोजनों से महिलाओं को एक-दूसरे की कला, परंपरा और संस्कृति को समझने का अवसर मिलता है। साथ ही, महिलाओं में मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

महिलाओं ने माया श्रीवास्तव के प्रयासों को सराहा

छत्तीसगढ़, रायपुर, असम और झारखंड से कार्यक्रम से जुड़ी महिलाओं ने माया श्रीवास्तव के प्रयासों की सराहना की। लतिका श्रीवास्तव, शारदा, शीतल, ममता, माया, रिया, सोनिया, विभा, अणिमा श्रीवास्तव, प्रिया शर्मा, नीलू, मिताली, रिंकू घोष, मृणालिनी बनर्जी, आयुषि, सुधा श्रीवास्तव, अंजना, सुशीला, रीता और वंदना सहित अन्य महिलाओं ने कहा कि ऐसे मंचों के माध्यम से उन्हें अपनी प्रतिभा और विचार समाज के सामने रखने का अवसर मिल रहा है।

महिलाओं ने कहा कि कला और प्रतिभा को मंच मिलने से उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा है और वे सामाजिक स्तर पर अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज करा पा रही हैं।

ये महिलाएं भी रहीं मौजूद

कार्यक्रम में अमृता सिंह, शांति सिंह, अर्चना भारती, प्रतिभा पाठक, अहिल्या मेहता, स्मृति सिंह, अर्चना, सरिता सिंह, नीरू सिंह, पल्वी कुमारी, अर्चना झा, रागिनी सिंह, बेबी देवी, ज्ञानमाला देवी, सुनीता देवी, राधा कुमारी, गुंजन कुमारी, कामनी देवी, पूजा देवी, रीता देवी, सोनी देवी, ऊषा देवी, वीना कारण, मनीषा अंबष्ट, रिंकी दास, कंचन घोष और मीरा रानी सहित कई महिलाएं उपस्थित रहीं।

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