19 अगस्त को पटना में प्रस्तावित RJD के राजभवन मार्च को लेकर सियासी हलचल तेज, मीसा भारती ने छात्र आंदोलन और सीवान फायरिंग मामले को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
न्यूज़ डेस्क : पटना | दैनिक भारतवर्ष
पटना: बिहार की राजधानी पटना में 19 अगस्त को प्रस्तावित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राजभवन मार्च से पहले प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। छात्र-युवा मुद्दों और सीवान में हुई फायरिंग की घटना को लेकर RJD ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी की है। इस बीच RJD सांसद मीसा भारती का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
19 अगस्त को राजभवन मार्च की तैयारी
RJD की ओर से 19 अगस्त को पटना में राजभवन मार्च का ऐलान किया गया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि यह मार्च छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ हालिया घटनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगने के उद्देश्य से किया जा रहा है। तेजस्वी यादव मार्च का नेतृत्व करेंगे।

मीसा भारती ने सीवान फायरिंग का उठाया मुद्दा
RJD सांसद मीसा भारती ने सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से हुई फायरिंग का मुद्दा उठाते हुए कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मामले में बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल बने हुए हैं। उनका आरोप है कि सरकार को छात्रों और युवाओं की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से अलग पक्ष सामने आया है और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार फायरिंग करने वाले जवान को निलंबित किया जा चुका है। घटना से जुड़े पहलुओं पर विवाद और राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति
राजभवन मार्च को RJD की छात्र-युवा मुद्दों पर सरकार को घेरने की बड़ी राजनीतिक कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से बिहार में छात्र आंदोलन, भर्ती परीक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा में हैं। पटना में भी छात्रों की ओर से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया गया है।
मीसा भारती ने छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से संवाद करने की जरूरत पर जोर दिया है। उनका कहना है कि युवाओं की मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए।
बिहार की सियासत में बढ़ सकती है हलचल
19 अगस्त का मार्च ऐसे समय में हो रहा है, जब बिहार में छात्र आंदोलन और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। RJD के इस कदम से विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।
हालांकि, मार्च को लेकर प्रशासनिक तैयारियों और आगे की स्थिति पर अंतिम तस्वीर 19 अगस्त को ही ज्यादा स्पष्ट होगी। फिलहाल RJD इसे छात्रों और युवाओं की आवाज से जोड़कर सरकार के सामने अपनी राजनीतिक चुनौती मजबूत करने की कोशिश में है।















