रोहतास के उल्हो गांव में पेट्रोल-डीजल की खुदरा दुकान में आग लगने से एक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़। पिता-पुत्री की मौत, पत्नी और आठ महीने का बेटा गंभीर रूप से झुलसे। आग लगने के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
रोहतास/नौहट्टा | दैनिक भारतवर्ष
बिहार के रोहतास जिले में पेट्रोल-डीजल की एक खुदरा दुकान में लगी आग ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। नौहट्टा थाना क्षेत्र के उल्हो गांव में मंगलवार, 13 अक्टूबर की शाम हुए इस हादसे में दुकान संचालक लक्ष्मी कुमार गुप्ता और उनकी चार वर्षीय बेटी कीर्ति कुमारी की मौत हो गई। वहीं, लक्ष्मी की पत्नी संजू देवी और उनका आठ महीने का बेटा सुमित गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों का सासाराम सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है।
झोपड़ीनुमा दुकान में लगी आग तेजी से फैली
प्राप्त समाचार विवरण के अनुसार, लक्ष्मी कुमार गुप्ता गांव में झोपड़ीनुमा दुकान चलाते थे, जहां पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री होती थी। घटना के समय दुकान में परिवार के सदस्य मौजूद थे। इसी दौरान आग लगी और देखते ही देखते उसने दुकान के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें तेजी से फैलने के कारण परिवार के चारों सदस्य इसकी चपेट में आ गए।
ग्रामीणों ने बचाव की कोशिश की
आग लगने के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग में फंसे लोगों को बाहर निकालने तथा आग पर काबू पाने की कोशिश की। झुलसे लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, गंभीर रूप से झुलसे लक्ष्मी कुमार गुप्ता और उनकी बेटी कीर्ति कुमारी को बचाया नहीं जा सका।
सासाराम सदर अस्पताल में मां-बेटे का इलाज
इस हादसे में संजू देवी और उनके आठ महीने के बेटे सुमित को गंभीर रूप से जलने की चोटें आईं। दोनों को सासाराम सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। उपलब्ध समाचार विवरण में दोनों की हालत गंभीर बताई गई है। उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में नई आधिकारिक जानकारी की पुष्टि होना अभी बाकी है।
आग लगने की वजह पर स्थिति स्पष्ट नहीं
शुरुआती समाचारों में दुकान में रखे पेट्रोल के संपर्क में आने से आग फैलने की बात सामने आई है। वहीं, एलपीजी सिलेंडर में आग लगने या उसके फटने की चर्चा भी हुई, लेकिन इसकी स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए सिलेंडर विस्फोट को हादसे का प्रमाणित कारण मानना उचित नहीं होगा।
आग लगने की वास्तविक वजह और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि के लिए संबंधित प्रशासन या पुलिस की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल उपलब्ध विवरण के आधार पर हादसे का सटीक तकनीकी कारण निश्चित रूप से नहीं बताया जा सकता।
गांव में शोक का माहौल
एक ही परिवार के पिता और छोटी बच्ची की मौत तथा मां-बेटे के गंभीर रूप से झुलसने की घटना से गांव में शोक व्याप्त है। इस हादसे ने ज्वलनशील पदार्थों की खुदरा बिक्री, उनके सुरक्षित भंडारण और आग से बचाव के इंतजामों पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, सुरक्षा नियमों के उल्लंघन या किसी की लापरवाही के संबंध में आधिकारिक निष्कर्ष सामने आए बिना किसी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
















