सेना की रोमियो फोर्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त तलाशी अभियान में बरामद किए हथियार, 30 कारतूस और चिकित्सा सामग्री; बम निरोधक दस्ते ने मौके पर ही नष्ट किए ग्रेनेड
जम्मू-कश्मीर | दैनिक भारतवर्ष
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान के दौरान हथियारों और गोला-बारूद का एक संदिग्ध भंडार बरामद किया है। यह बरामदगी जिले की सुरनकोट तहसील के सजवान सेक्टर स्थित सथरबन इलाके में की गई। अभियान के दौरान एक प्राकृतिक गुफा में छिपाकर रखी गई AK-47 राइफल, 30 कारतूस, छह ग्रेनेड और चिकित्सा सामग्री मिली। सुरक्षा बलों ने ग्रेनेड को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के लिए बम निरोधक दस्ते की मदद ली।
विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया अभियान
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 13 अक्टूबर को सेना की रोमियो फोर्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विशेष खुफिया सूचनाओं के आधार पर संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था। सुरक्षा बलों ने सथरबन के वन क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों और हथियारों की संभावित मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए इलाके की बारीकी से तलाशी ली।
इसी दौरान एक प्राकृतिक गुफा का पता चला, जिसमें हथियार और अन्य सामग्री छिपाकर रखी गई थी। सुरक्षा बलों ने बरामद सामान को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई।
गुफा से क्या-क्या बरामद हुआ?
तलाशी अभियान के दौरान मिली सामग्री में एक AK-47 राइफल, 30 कारतूस, छह ग्रेनेड और चिकित्सा संबंधी सामान शामिल हैं। प्रकाशित रिपोर्टों में राइफल की मैगजीन का भी उल्लेख किया गया है।
गुफा का इस्तेमाल किसने किया था और वहां हथियार कब से रखे गए थे, इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच के बाद ही इस संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकती है।
बम निरोधक दस्ते ने मौके पर नष्ट किए ग्रेनेड
बरामद छह ग्रेनेड को देखते हुए सुरक्षा बलों ने एहतियाती कदम उठाया। बम निरोधक दस्ते ने मौके पर ही ग्रेनेड नष्ट कर दिए, ताकि तलाशी अभियान के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना का खतरा न रहे।
विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद ऐसी कार्रवाई में सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी होता है। इस मामले में भी ग्रेनेड को सुरक्षित तरीके से नष्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।
गिरफ्तारी और जांच को लेकर क्या जानकारी है?
13 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, इस अभियान के दौरान किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की सूचना नहीं थी। हालांकि, हथियारों की बरामदगी के बाद जांच से जुड़े सभी पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होने के लिए आगे की जानकारी का इंतजार है।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में हथियारों के स्रोत, उन्हें गुफा तक पहुंचाने वाले लोगों और संभावित इस्तेमाल को लेकर कोई पुष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए बरामद सामग्री को किसी खास संगठन या व्यक्ति से जोड़ने के लिए आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी।
सुरक्षा की दृष्टि से क्यों अहम है यह बरामदगी?
पुंछ जिला नियंत्रण रेखा के निकट स्थित होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे क्षेत्र में वन क्षेत्र या प्राकृतिक गुफाओं में हथियारों का छिपा मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का महत्वपूर्ण विषय होता है।
इस अभियान में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से हथियारों और विस्फोटक सामग्री का पता चला। हालांकि, इस बरामदगी से किसी संभावित हमले की योजना या उसके जिम्मेदार लोगों के बारे में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
फिलहाल मुख्य तथ्य यही हैं:
पुंछ के सुरनकोट क्षेत्र में संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान AK-47 राइफल, 30 कारतूस, छह ग्रेनेड और चिकित्सा सामग्री बरामद हुई। ग्रेनेड मौके पर नष्ट कर दिए गए। हथियारों के स्रोत और उनके पीछे जिम्मेदार लोगों को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।



















