पखनारी के पास संदिग्ध कार से पकड़े गए पांच लोग, एक ने खुद को 2017 बैच का दारोगा बताया; दो देसी कट्टा, चार कारतूस और नकली पिस्टल समेत कई सामान जब्त
न्यूज़ डेस्क : रोहतास | दैनिक भारतवर्ष
सासाराम: रोहतास जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) पर पुलिस की वर्दी की आड़ में कथित अवैध वसूली और लूट की योजना का पुलिस ने खुलासा किया है। शिवसागर थाना क्षेत्र के पखनारी के पास पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में कुछ पुलिस और कमांडो की वर्दी में थे और वाहन चालकों पर पुलिस का रौब दिखाने की तैयारी में थे।
यह कार्रवाई शनिवार रात मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस के मुताबिक, सूचना थी कि हाईवे किनारे एक चारपहिया वाहन में संदिग्ध लोग मौजूद हैं और पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल कर वाहन चालकों से अवैध वसूली की जा रही है या इसकी तैयारी चल रही है। सूचना के सत्यापन के बाद विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहन को घेरा और पांच लोगों को हिरासत में लिया।
पखनारी के पास पुलिस ने घेरा वाहन
सासाराम एसडीपीओ के अनुसार, शनिवार रात करीब 8 बजे पुलिस को संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली थी। इसके बाद विशेष टीम का गठन कर कार्रवाई की गई। टीम ने हाईवे के पास स्थित पेट्रोल पंप के आसपास निगरानी की और संदिग्ध चारपहिया वाहन को रोककर उसमें सवार लोगों से पूछताछ की।
पुलिस को पूछताछ के दौरान संदेह तब हुआ, जब वर्दी पहने व्यक्ति पुलिसकर्मी होने का दावा करने लगा, लेकिन उसके पहचान पत्र और वर्दी से संबंधित जानकारी की जांच में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद सभी पांचों को गिरफ्तार कर लिया गया।
एक दारोगा तो दूसरा कमांडो की वर्दी में
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में एक व्यक्ति दारोगा की वर्दी में था, जबकि दूसरा बिहार पुलिस कमांडो की वर्दी में था। बाकी लोग सामान्य कपड़ों में थे।
रिपोर्टों के अनुसार, वर्दी पहने एक व्यक्ति ने पूछताछ के दौरान खुद को 2017 बैच का दारोगा बताया। पुलिस की जांच में उसका दावा संदिग्ध पाया गया और उसके पास मौजूद पहचान पत्र को भी फर्जी बताया गया।
दो देसी कट्टा और चार कारतूस बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार लोगों के पास से कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं। उपलब्ध पुलिस कार्रवाई की रिपोर्ट के मुताबिक बरामद सामान में शामिल हैं—
- दो देसी कट्टा
- चार जिंदा कारतूस
- पिस्टल जैसी दिखने वाली नकली/खिलौना पिस्टल
- पांच मोबाइल फोन
- एक चारपहिया वाहन
- पुलिस लिखा बोर्ड
- पुलिस स्टीकर
- बिहार पुलिस से जुड़ा फर्जी पहचान पत्र
- पुलिस की टोपी और अन्य वर्दी संबंधी सामान
- दो नंबर प्लेट
पुलिस के अनुसार, वाहन पर पुलिस से जुड़ा सामान इस्तेमाल किया गया था, जिससे आम लोगों और वाहन चालकों पर पुलिस का प्रभाव बनाया जा सके।
रोहतास और कैमूर के रहने वाले हैं गिरफ्तार लोग
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार पांच लोगों में तीन रोहतास और दो कैमूर जिले के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार लोगों की पहचान इस प्रकार बताई गई है—
प्रवीण सिंह (36 वर्ष) — कोनार, शिवसागर, रोहतास
दिवाकर कुमार सिंह (34 वर्ष) — अमांव, कैमूर
वीरेंद्र कुमार (35 वर्ष) — बस्तलवा, कुदरा, कैमूर
इसरार आलम (38 वर्ष) — बैरी बांध, करगहर, रोहतास
रजनीश कुमार (24 वर्ष) — छितराटांड़, चेनारी, रोहतास
इनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस इनके आपसी संपर्क, हाईवे पर गतिविधियों और पूर्व की घटनाओं में संभावित भूमिका की जांच कर रही है।
दो गिरफ्तार लोगों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में इसरार आलम और दिवाकर कुमार सिंह का पूर्व आपराधिक इतिहास सामने आया है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि दोनों के खिलाफ पहले दर्ज मामलों और मौजूदा मामले के बीच कोई संबंध है या नहीं।
NH-19 पर वाहन चालकों को निशाना बनाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, गिरोह के लोग पुलिस की वर्दी और पुलिस से जुड़े सामान का इस्तेमाल कर हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों पर प्रभाव बनाने की कोशिश करते थे। रिपोर्टों में ट्रक चालकों से कथित अवैध वसूली और लूट की योजना का उल्लेख है।
हालांकि, इस मामले में पहले की घटनाओं में इन लोगों की संलिप्तता कितनी रही है, इसका अंतिम निष्कर्ष पुलिस की आगे की जांच के बाद ही सामने आएगा। पुलिस गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है।
शिवसागर थाने में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने पांचों के खिलाफ शिवसागर थाना में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में हथियार बरामदगी के कारण आर्म्स एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। आगे की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कथित गिरोह से और कौन लोग जुड़े हैं तथा हाईवे पर इसकी गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं।
पुलिस की कार्रवाई से सामने आया फर्जी वर्दी का खेल
इस कार्रवाई ने यह भी दिखाया है कि पुलिस की वर्दी, फर्जी पहचान पत्र और पुलिस लिखे सामान का इस्तेमाल कर अपराधी आम लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे मामलों में वाहन चालकों के लिए किसी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा रोके जाने पर सतर्क रहना और आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी पुलिस थाना अथवा आधिकारिक हेल्पलाइन से सत्यापन करना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल रोहतास पुलिस की जांच जारी है। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के आधार पर हाईवे पर कथित वसूली और लूट से जुड़े अन्य मामलों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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