डूमरखोह जंगल के कुएं से मिला था लक्ष्मी कुमारी का शव, पति समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी की बात; पुलिस ने बताया दुर्गम था घटनास्थल
न्यूज़ डेस्क : रोहतास | दैनिक भारतवर्ष
सासाराम: रोहतास जिले के बड्डी थाना क्षेत्र से सामने आई एक घटना ने शवों को सम्मानजनक तरीके से अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डूमरखोह जंगल क्षेत्र के एक पुराने कुएं से बरामद 16 वर्षीय लक्ष्मी कुमारी के शव को ट्रैक्टर के पीछे लगे कृषि यंत्र ‘हल’ पर बांधकर करीब 20 किलोमीटर दूर सासाराम सदर अस्पताल ले जाया गया।
घटना से जुड़ी तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोमवार को चर्चा में आ गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, लक्ष्मी कुमारी का शव शनिवार रात डूमरखोह जंगल स्थित एक कुएं से बरामद किया गया था। वह बिक्रमगंज के मानी गांव की रहने वाली बताई गई है।
कुएं से बोरे में मिला था शव
पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों की सूचना पर डूमरखोह जंगल में स्थित पुराने कुएं से शव बरामद किया गया। शव की पहचान लक्ष्मी कुमारी के रूप में हुई। पुलिस की शुरुआती जांच में मृतका की उम्र करीब 16 वर्ष बताई गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, लक्ष्मी ने करीब दो महीने पहले बड्डी निवासी पिंकू बिंद से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद वह डूमरखोह जंगल के आसपास रह रही थी। शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
शव को ट्रैक्टर के हल पर क्यों ले जाना पड़ा?
इस मामले में सबसे ज्यादा सवाल शव को अस्पताल ले जाने के तरीके को लेकर उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शव को काले प्लास्टिक/बोरे में लपेटकर ट्रैक्टर के पीछे लगे लोहे के कृषि यंत्र पर बांधा गया और करीब 20 किलोमीटर दूर सासाराम सदर अस्पताल पहुंचाया गया।
हालांकि, बड्डी थाना प्रभारी रामवृक्ष कुमार ने बताया कि घटनास्थल दुर्गम इलाके में था और वहां ट्रैक्टर के अलावा दूसरे वाहन की पहुंच मुश्किल थी। पुलिस के अनुसार, इसी वजह से ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया गया।
इस स्पष्टीकरण के बावजूद शव को जिस तरीके से ले जाया गया, उसकी तस्वीर सामने आने के बाद मृतक की गरिमा और दुर्गम क्षेत्रों में शव परिवहन की सरकारी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अस्पताल में पोस्टमार्टम नहीं हो सका
सासाराम सदर अस्पताल पहुंचने तक शव की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। रिपोर्टों के अनुसार, शव काफी क्षत-विक्षत और सड़ा हुआ था। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए शव को पटना भेजा गया।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच से लक्ष्मी की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पति समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी
लक्ष्मी की मौत के मामले में पुलिस पहले उसके पति पिंकू बिंद और धनजी पासी को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दे चुकी थी। बाद की रिपोर्ट में रोहतास के एसपी राज के हवाले से पति और उसके माता-पिता समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लक्ष्मी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, शव को कुएं तक कैसे पहुंचाया गया और इस घटना में किन-किन लोगों की भूमिका रही। मृतका के परिजनों की ओर से ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाए जाने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई है। पुलिस इन आरोपों और अन्य संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
मौत की वजह पर जांच जारी
फिलहाल लक्ष्मी कुमारी की मौत की अंतिम वजह पोस्टमार्टम और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए हत्या के कारणों को लेकर सामने आ रही शुरुआती जानकारियों को जांच के अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
पुलिस का कहना है कि मामले में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
घटना ने उठाया एक बड़ा सवाल
यह मामला केवल एक संदिग्ध मौत की जांच तक सीमित नहीं है। शव को दुर्गम क्षेत्र से अस्पताल तक पहुंचाने के लिए उपलब्ध व्यवस्था पर भी सवाल सामने आए हैं। पुलिस ने घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति को ट्रैक्टर के इस्तेमाल का कारण बताया है, जबकि घटना की तस्वीरों ने शव परिवहन की व्यवस्था और मृतक की गरिमा से जुड़े सवालों को सार्वजनिक बहस में ला दिया है।
अब निगाह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर है। इन्हीं से यह स्पष्ट होगा कि लक्ष्मी की मौत कैसे हुई और पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी।
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