विशेष भारतीय वायुसेना विमान से बागडोगरा पहुंचाया गया, BSF को सौंपे गए; 7 अक्टूबर को एक और जत्थे की कार्रवाई
न्यूज़ डेस्क : श्रीनगर | दैनिक भारतवर्ष
जम्मू-कश्मीर में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके निर्वासन की कार्रवाई तेज हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे 150 बांग्लादेशी नागरिकों को सोमवार को विशेष भारतीय वायुसेना के विमान से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा भेजा गया। वहां उन्हें सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों को सौंप दिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में विदेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। रिपोर्टों के अनुसार, 7 अक्टूबर को भी बांग्लादेशी नागरिकों के एक और जत्थे को निर्वासित किए जाने की तैयारी है।
सर्वे में सामने आए करीब 600 बांग्लादेशी नागरिक
अधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पुलिस की मदद से घाटी के विभिन्न इलाकों में सर्वे कराया था। इस प्रक्रिया के दौरान करीब 600 बांग्लादेशी नागरिकों के जम्मू-कश्मीर में कथित रूप से अवैध रूप से रहने की जानकारी सामने आई। इनमें से पहले चरण में 150 लोगों को बाहर भेजा गया है।
कुछ रिपोर्टों में जम्मू-कश्मीर में पहचान किए गए बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या 504 बताई गई है, जिसमें 46 जम्मू क्षेत्र और 458 कश्मीर घाटी से जुड़े होने की जानकारी दी गई है। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़े और सर्वे के दायरे को लेकर अंतर है, इसलिए प्रशासन के अंतिम आधिकारिक आंकड़े को ही निर्णायक माना जाना चाहिए।
आधार कार्ड की जानकारी में गड़बड़ी से शुरू हुई जांच
Kashmir News Observer की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मजदूरों से पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान आधार कार्ड प्रस्तुत करने को कहा गया था। दस्तावेजों में कथित विसंगतियां सामने आने के बाद उनकी राष्ट्रीयता का सत्यापन कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित जानकारी बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ साझा किए जाने के बाद उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि हुई और आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
हालांकि, सभी 150 लोगों के व्यक्तिगत मामलों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति के दस्तावेज या भारत में रहने की अवधि के बारे में अलग-अलग निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
बागडोगरा में BSF को सौंपे गए
सोमवार को 150 लोगों को विशेष भारतीय वायुसेना विमान से बागडोगरा ले जाया गया। वहां उन्हें BSF को सौंपा गया। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते उनके देश वापस भेजे जाने की कार्रवाई की जानी है।
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह कार्रवाई एक चरण तक सीमित नहीं रहेगी। 7 अक्टूबर को 150 और बांग्लादेशी नागरिकों के निर्वासन की योजना बताई गई है।
केंद्र की जनसांख्यिकीय जांच से भी जुड़ा है मामला
यह कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा गठित High-Level Committee on Demographic Change (HLCDC) की गतिविधियों के बीच सामने आई है। समिति को अवैध आव्रजन और उससे जुड़े जनसांख्यिकीय बदलावों का अध्ययन करने तथा आवश्यक नीति, प्रशासनिक और कानूनी उपायों की सिफारिश करने का दायित्व दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने समिति के समक्ष प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों से संबंधित आंकड़े भी साझा किए थे। समिति ने जम्मू-कश्मीर समेत विभिन्न क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय स्थिति और अवैध आव्रजन से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई है।
आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई
150 लोगों के पहले जत्थे के निर्वासन और 7 अक्टूबर को प्रस्तावित अगले चरण से स्पष्ट है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन दस्तावेजों के सत्यापन और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। हालांकि, इस अभियान में शामिल लोगों की कुल संख्या और आगे की कार्रवाई का अंतिम स्वरूप प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगा।
दैनिक भारतवर्ष की नजर में
जम्मू-कश्मीर में यह कार्रवाई विदेशी नागरिकों के दस्तावेज सत्यापन और निर्वासन को लेकर प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर 150 लोगों को पहले चरण में बागडोगरा पहुंचाकर BSF को सौंपा गया है, जबकि अगले चरण की कार्रवाई 7 अक्टूबर को प्रस्तावित बताई गई है।



















