दुबई से तेल अवीव जा रही FZ1073 उड़ान में कॉकपिट के भीतर हमला, विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया; जांच में सामने आ रही हैं नई जानकारियां
दैनिक भारतवर्ष | व्यूज़ नहीं, न्यूज़ की बात
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की यात्री उड़ान में 30 सितंबर को उस समय गंभीर संकट पैदा हो गया, जब विमान के सह-पायलट ने कॉकपिट के अंदर भारतीय पायलट पर हमला कर दिया। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अटॉर्नी-जनरल ने 3 अक्टूबर को कहा कि जांच में सह-पायलट द्वारा ‘आतंकी कृत्य’ को अंजाम देने के प्रयास की बात सामने आई है। मामले की जांच अभी जारी है।
कॉकपिट में क्रैश-ऐक्स से किया गया हमला
UAE की सरकारी समाचार एजेंसी WAM के अनुसार, फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के सह-पायलट ने उड़ान के दौरान कॉकपिट में मौजूद कैप्टन पर क्रैश ऐक्स से हमला किया और विमान के फ्लाइट कंट्रोल पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। UAE के अटॉर्नी-जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने बताया कि जांच में इस घटना के पीछे योजना और प्रयास के संकेत मिले हैं।
Reuters के अनुसार, सह-पायलट की पहचान हम्माम अल-हमामी के रूप में हुई है और वह ओमान का नागरिक बताया गया है। हालांकि उसकी पहचान की UAE अधिकारियों की ओर से तत्काल स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई थी।
170 से अधिक लोगों की जान पर मंडराया खतरा
यह घटना फ्लाईदुबई की FZ1073 उड़ान में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और इसमें 170 से अधिक यात्री एवं चालक दल के सदस्य सवार थे। घटना के दौरान विमान के मार्ग में अचानक गंभीर बदलाव आया और विमान काफी तेजी से नीचे आया।
Reuters के अनुसार, फ्लाइट-ट्रैकिंग आंकड़ों में विमान के लगभग 16,625 फीट की ऊंचाई करीब 30 सेकंड में गिरने की जानकारी सामने आई है।
भारतीय पायलट ने बचाई यात्रियों की जान
हमले के बाद भारतीय कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने सह-पायलट को काबू में करने में मदद की। विमान में मौजूद एक रिजर्व फ्लाईदुबई पायलट ने इसके बाद विमान का नियंत्रण संभाला।
विमान को अंततः सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया, जहां सह-पायलट को हिरासत में लिया गया। बाद में उसे UAE ले जाया गया।
UAE में चल रही है पूरी जांच
UAE के अटॉर्नी-जनरल के मुताबिक जांच का उद्देश्य घटना की पूरी परिस्थितियों, हमले के उद्देश्य और संभावित संपर्कों का पता लगाना है। इसके साथ ही घटनास्थल से जुड़े भौतिक और डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच भी की जा रही है। UAE ने कहा है कि अंतिम निष्कर्ष सभी जरूरी जांच प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद जारी किए जाएंगे।
इस मामले में इजराइली अधिकारी भी UAE के साथ जांच में सहयोग कर रहे हैं। इससे पहले इजराइल की ओर से सह-पायलट की पृष्ठभूमि और संभावित मकसद को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए थे, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी अंतिम मकसद की पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद फ्लाईदुबई ने क्या कहा?
फ्लाईदुबई ने घटना की परिस्थितियों की जांच जारी होने की बात कही है और जांच पूरी होने तक विस्तृत टिप्पणी से परहेज किया है। विमान को सुरक्षित उतारे जाने के बाद यात्रियों की यात्रा को आगे बढ़ाने की व्यवस्था की गई थी।
अभी क्या-क्या स्पष्ट होना बाकी है?
इस मामले में जांच एजेंसियां मुख्य रूप से इन सवालों के जवाब तलाश रही हैं—
- सह-पायलट ने हमला क्यों किया?
- क्या उसने अकेले इस घटना की योजना बनाई थी?
- क्या किसी अन्य व्यक्ति या संगठन से उसका संपर्क था?
- कॉकपिट की सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद वह पायलट तक कैसे पहुंचा?
- विमान को नियंत्रित करने की उसकी वास्तविक योजना क्या थी?
UAE के अटॉर्नी-जनरल ने भी कहा है कि घटना के मकसद और संभावित संबंधों की जांच अभी जारी है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष को अंतिम मानना उचित नहीं होगा।
घटना की अहम कड़ियां
30 सितंबर 2026: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हमला।
घटना के दौरान: भारतीय कैप्टन पर हमला और विमान के नियंत्रण की कोशिश।
इसके बाद: यात्रियों एवं चालक दल ने सह-पायलट को काबू किया।
आपात लैंडिंग: विमान सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतरा।
3 अक्टूबर 2026: UAE के अटॉर्नी-जनरल ने इसे ‘आतंकी कृत्य’ के प्रयास के रूप में जांच में सामने आने की जानकारी दी।
नोट: UAE अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किया गया ‘आतंकी कृत्य’ वाला शब्द जांच के वर्तमान आधिकारिक बयान को दर्शाता है। घटना के अंतिम मकसद और संभावित संबंधों पर जांच अभी जारी है।



















