पटना हाईकोर्ट के न्यायादेश को लागू करने, मासिक वेतन-पेंशन और आठ वर्षों के बकाया अनुदान के एकमुश्त भुगतान समेत नौ सूत्री मांगों को लेकर संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक-कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
न्यूज़ डेस्क : रोहतास | दैनिक भारतवर्ष
सासाराम: बिहार राज्य संबद्ध डिग्री शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ के बैनर तले संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारियों ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय मुख्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अनुदान व्यवस्था के स्थान पर मासिक वेतन और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की व्यवस्था लागू करने सहित विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया।
धरना में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले आरा, बक्सर, रोहतास और कैमूर जिलों के संबद्ध महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी शामिल हुए।
पटना हाईकोर्ट के निर्णय और शिक्षा समिति की अनुशंसा लागू करने की मांग
महासंघ की ओर से कहा गया कि पटना उच्च न्यायालय के न्यायादेश और बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति की अनुशंसाओं के आलोक में संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए अनुदान आधारित व्यवस्था के बजाय नियमित मासिक वेतन की व्यवस्था की जानी चाहिए।
धरना में शामिल शिक्षकों और कर्मचारियों ने सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन भुगतान की व्यवस्था लागू करने की भी मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारी अपनी सेवा संबंधी मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

आठ वर्षों के बकाया अनुदान के एकमुश्त भुगतान की मांग
धरना प्रदर्शन में शैक्षणिक सत्र 2015-18 से 2022-25 तक कुल आठ वर्षों के परीक्षा परिणाम आधारित वेतन मद के बकाया अनुदान राशि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
महासंघ ने मांग की कि बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए अधिसीमा संबंधी बंधेज समाप्त कर बकाया राशि का भुगतान शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बैंक खातों में एकमुश्त किया जाए।
प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 को रद्द करने की भी मांग
धरना देने वाले शिक्षक एवं कर्मचारी प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 को रद्द करने की मांग भी कर रहे हैं। महासंघ ने अपनी नौ सूत्री मांगों के माध्यम से राज्य सरकार और संबंधित विभागों से शिक्षा एवं शिक्षाकर्मियों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट और प्रभावी निर्णय लेने की मांग की।
डॉ. शंभू नाथ सिंह की अध्यक्षता में हुआ धरना
धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार राज्य संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ के विश्वविद्यालय अध्यक्ष डॉ. शंभू नाथ सिंह ने की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरेन्द्र सिंह ने किया।
धरना को संबोधित करते हुए अवधूत भगवान राम महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि अनुदानित महाविद्यालयों के संबंध में पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय को राज्य सरकार को तत्काल लागू करना चाहिए।
उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नौ सूत्री मांगों पर सकारात्मक घोषणा करने की मांग करते हुए कहा कि बिहार में शिक्षा और शिक्षकों के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
चार जिलों के शिक्षक और कर्मचारी हुए शामिल
धरना कार्यक्रम में लालमोहर सिंह, रविन्द्र कुमार सिंह, अरविंद सिंह, डॉ. विनोद कुमार सिंह, डॉ. मृत्युंजय कुमार वर्मा और उमेश्वर प्रसाद सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले आरा, बक्सर, रोहतास और कैमूर जिलों के संबद्ध महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की भागीदारी रही।
शिक्षाकर्मियों की मांगों पर सरकार के निर्णय का इंतजार
धरना के माध्यम से महासंघ ने अपनी नौ सूत्री मांगों को सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से रखा है। अब शिक्षकों एवं कर्मचारियों को इस बात का इंतजार है कि उनकी मांगों पर राज्य सरकार और संबंधित विभाग की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है।
‘दैनिक भारतवर्ष’ की नजर इस मामले से जुड़े आगे के घटनाक्रम पर बनी रहेगी।
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