6 अक्टूबर की रात 10:23 बजे आया भूकंप, 13 किमी गहराई पर था केंद्र; दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम तक महसूस हुए झटके
न्यूज़ डेस्क : नई दिल्ली | दैनिक भारतवर्ष
नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड में मंगलवार रात अचानक धरती कांप उठी। 6 अक्टूबर 2026 की रात 10 बजकर 23 मिनट 13 सेकंड पर चमोली जिले में 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Centre for Seismology-NCS) के अनुसार भूकंप की गहराई जमीन के अंदर करीब 13 किलोमीटर थी। भूकंप के झटके उत्तराखंड के अलावा दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के कई हिस्सों में महसूस किए गए।
भूकंप के बाद दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम समेत कई इलाकों में लोगों ने झटके महसूस होने की जानकारी साझा की। शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
रात 10:23 बजे आया भूकंप, चमोली रहा केंद्र
NCS के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक भूकंप का समय 22:23:13 IST था। इसका केंद्र 30.103° उत्तरी अक्षांश और 79.561° पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। भूकंप की गहराई 13 किलोमीटर थी और NCS ने घटना को Reviewed के रूप में दर्ज किया है।
NCS के अनुसार भूकंप का केंद्र चमोली, उत्तराखंड में था। आधिकारिक रिकॉर्ड में नई दिल्ली की दूरी करीब 282 किलोमीटर और नोएडा की दूरी करीब 273 किलोमीटर दर्ज है।
दिल्ली-NCR में भी महसूस हुए झटके
भूकंप का असर केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली और NCR के कई हिस्सों में लोगों ने झटके महसूस किए। नोएडा और गुरुग्राम में भी कंपन महसूस होने की रिपोर्ट सामने आई। उत्तर भारत के हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी झटके महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है।
दिल्ली के कुछ इलाकों में लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कुछ समय के लिए फर्नीचर तथा इमारतों में कंपन महसूस हुई।
भूकंप की तीव्रता को लेकर अलग-अलग आंकड़े क्यों?
भूकंप के तुरंत बाद अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय भूकंप निगरानी संस्थाओं के आंकड़ों में मामूली अंतर सामने आया। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक EMSC ने इसकी तीव्रता 5.1 बताई थी। वहीं भारत के National Centre for Seismology के बाद के reviewed रिकॉर्ड में तीव्रता 4.9 दर्ज है।
इसलिए भारत में आधिकारिक सरकारी आंकड़े के आधार पर इस खबर में भूकंप की तीव्रता 4.9 बताई जा रही है।
क्या भूकंप से कोई नुकसान हुआ?
उपलब्ध शुरुआती जानकारी के अनुसार भूकंप के बाद किसी मौत या बड़े नुकसान की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, उत्तराखंड जैसे भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र में प्रशासन और संबंधित एजेंसियों द्वारा स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण है।
भूकंप के झटके महसूस होने के बाद कई स्थानों पर लोग एहतियातन घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।
उत्तराखंड में पहले भी आ चुके हैं बड़े भूकंप
उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार गढ़वाल-कुमाऊं हिमालय जटिल भूगर्भीय संरचनाओं वाले क्षेत्र में आता है, जहां कई प्रमुख फॉल्ट सिस्टम मौजूद हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों ने यह स्पष्ट किया है कि मंगलवार रात आए 4.9 तीव्रता के भूकंप के आधार पर किसी बड़े भूकंप की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
उत्तराखंड में इससे पहले 1991 का उत्तरकाशी भूकंप और 1999 का चमोली भूकंप भी गंभीर प्रभाव छोड़ चुके हैं।
इसी दिन असम में भी आया था भूकंप
6 अक्टूबर को ही उत्तर-पूर्वी भारत में भी भूकंपीय गतिविधि दर्ज हुई थी। Nagaon, Assam में सुबह करीब 4:23 बजे 4.5 तीव्रता का भूकंप आया था। इसकी गहराई 33 किलोमीटर दर्ज की गई थी। यह चमोली में रात को आए भूकंप से अलग घटना थी।
भूकंप के बाद क्या सावधानी बरतें?
भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रहना सबसे जरूरी है। घर के अंदर हों तो मजबूत मेज के नीचे जाकर सिर और गर्दन को सुरक्षित रखना चाहिए तथा खिड़कियों, शीशों और भारी सामान से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
बाहर होने पर इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर खुले स्थान की ओर जाना बेहतर होता है।
फिलहाल स्थिति सामान्य, लेकिन सतर्क रहना जरूरी
मंगलवार रात के भूकंप के बाद उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि, भूकंप के बाद आने वाले संभावित झटकों को देखते हुए लोगों को आधिकारिक प्रशासनिक निर्देशों पर ध्यान देना चाहिए और अफवाहों से बचना चाहिए।
दैनिक भारतवर्ष की नजर में
उत्तराखंड के चमोली में आया 4.9 तीव्रता का भूकंप इतना महसूस किया गया कि दिल्ली-NCR तक लोगों ने कंपन महसूस होने की जानकारी दी। NCS के आधिकारिक reviewed आंकड़ों के अनुसार भूकंप 13 किलोमीटर की गहराई पर आया। फिलहाल बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हिमालयी क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को देखते हुए सतर्कता जरूरी है।


















