सासाराम के विद्यालय में सांस्कृतिक आयोजन के दौरान छात्राओं ने प्रस्तुत किया पारंपरिक डांडिया नृत्य, भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का दिया संदेश
सासाराम/रोहतास | दैनिक भारतवर्ष
दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर सासाराम स्थित संत जोसेफ स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का आकर्षक रूप धारण कर अपनी प्रस्तुति से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। वहीं, पारंपरिक डांडिया नृत्य के माध्यम से छात्राओं ने उत्सव में भक्ति, उमंग और सांस्कृतिक रंग भर दिए।
कार्यक्रम के दौरान नौ देवियों के स्वरूप में सजी छात्राओं की प्रस्तुति आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। पारंपरिक वेशभूषा और डांडिया नृत्य ने विद्यालय परिसर को उत्सवी माहौल से सराबोर कर दिया। छात्राओं की प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।
भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव पर जोर
विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना था। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी परंपराओं को समझने, उन्हें अभिव्यक्त करने और सामूहिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है।
सर्वांगीण विकास में सांस्कृतिक गतिविधियों की भूमिका
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है। सांस्कृतिक गतिविधियां भी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
संत जोसेफ स्कूल में आयोजित इस दुर्गा पूजा सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं ने धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। आयोजन ने विद्यालयी शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व को भी रेखांकित किया।















