भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन की रोहतास जिला इकाई का निर्णय, नगर पूजा समितियों, शांति समिति और प्रशासन के साथ समन्वय कर श्रद्धालुओं की सुविधा, महिला सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव पर रहेगा जोर
सासाराम (रोहतास): नवरात्रि और दुर्गापूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन की रोहतास जिला इकाई ने जनसेवा का संकल्प लिया है। संगठन की बैठक में निर्णय लिया गया कि एसोसिएशन के कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों के पूजा पंडालों में उपस्थित रहकर नगर पूजा समितियों, शांति समिति और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करेंगे तथा आवश्यकतानुसार सेवा कार्यों में सहयोग देंगे।
संगठन ने कहा कि माँ दुर्गा की आराधना के साथ महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और मानवाधिकारों की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी समाज की जिम्मेदारी है। पूजा के दौरान महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य श्रद्धालुओं को भीड़ के बीच किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कार्यकर्ता सहयोगात्मक भूमिका निभाएंगे।
नारी सम्मान और मानवाधिकारों की रक्षा पर जोर
भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, सृजन, करुणा और ममता का प्रतीक माना गया है। नवरात्रि में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा इसी शक्ति और आस्था का प्रतीक है। एसोसिएशन का कहना है कि धार्मिक आस्था का वास्तविक महत्व तभी है, जब समाज में प्रत्येक महिला की गरिमा, सुरक्षा, समानता और अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
संगठन के अनुसार, मानवाधिकार केवल संविधान और कानून तक सीमित विषय नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, स्वतंत्रता और सुरक्षा से जुड़े जीवन-मूल्य हैं। त्योहारों के दौरान इन मूल्यों की रक्षा करना समाज के सभी वर्गों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
नवीन सिन्हा के नेतृत्व में हुई बैठक
यह पहल भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन की रोहतास जिला इकाई के जिलाध्यक्ष इंजीनियर नवीन सिन्हा और जिला महिला प्रमुख प्रज्ञा सिन्हा के नेतृत्व में की गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने दुर्गापूजा के दौरान जनसेवा, आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग करने पर सहमति जताई।
बैठक में नोटरी सह अधिवक्ता संजय तिवारी, जिला प्रवक्ता प्रोफेसर डॉ. राकेश बघेल, सचिव एवं वरिष्ठ बैंक प्रबंधक गोरख नाथ लाल, डॉ. उमेश कुमार, आर्किटेक्ट हिमांशु श्रीवास्तव, अधिवक्ता ज्योति कुमार, मनोज कुमार, अधिवक्ता अनिल कुमार, पत्रकार निरंजन तिवारी, रितेश भट्ट, वाशिम सर और मनोज मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुविधा पर विशेष ध्यान
जिला महिला प्रमुख प्रज्ञा सिन्हा ने महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और समानता के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा के दौरान ऐसा वातावरण बनना चाहिए, जिसमें महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और सभी श्रद्धालु सम्मान एवं सुरक्षा के साथ पूजा-अर्चना कर सकें।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि भीड़भाड़ वाले पूजा पंडालों में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि उन्हें आवागमन या पूजा के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
पूजा समितियों और प्रशासन के साथ करेंगे सहयोग
एसोसिएशन ने जिले के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे स्थानीय पूजा समितियों तथा प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जिम्मेदारीपूर्वक सेवा कार्यों में सहयोग करें। किसी समस्या या अवांछनीय स्थिति की जानकारी मिलने पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करने की भी अपील की गई है।
संगठन की इस पहल का उद्देश्य दुर्गापूजा के दौरान जनसहयोग, सुरक्षा संबंधी जागरूकता और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना है। एसोसिएशन का संदेश है कि माँ दुर्गा की आराधना के साथ नारी सम्मान, मानवाधिकारों की रक्षा और जरूरतमंदों की सेवा को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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