मनोरमा देवी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केस डायरी में दर्ज घटनाक्रम पर उठाए सवाल
न्यूज़ डेस्क : रोहतास | दैनिक भारतवर्ष
सासाराम: रोहतास जिले में एक आपराधिक मामले में महिला को आरोपी बनाए जाने के आधार पर उठे सवालों को लेकर सासाराम की जिला अदालत में सोमवार, 21 सितंबर 2026 को महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। अदालत ने रोहतास के एसपी और सासाराम के एसडीपीओ कुमार वैभव को न्यायालय में उपस्थित होकर महिला को मामले में शामिल किए जाने का आधार और परिस्थितियां स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
यह मामला मनोरमा देवी की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया। अदालत ने केस डायरी में दर्ज घटनाक्रम की समीक्षा करते हुए पुलिस की ओर से महिला को मामले में आरोपी बनाए जाने के आधार पर सवाल उठाए थे।
केस डायरी में दर्ज तारीखों को लेकर कोर्ट ने उठाया सवाल
मामले की सुनवाई जिला जज-IV अनिल कुमार की अदालत में हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि मनोरमा देवी को मामले में शामिल करने का आधार एसडीपीओ कुमार वैभव की ओर से तैयार किया गया पर्यवेक्षण टिप्पणी (सुपरवाइजरी नोट) था।
पुलिस की ओर से यह भी बताया गया कि बाद में एक गवाह महंत राम ने महिला की कथित संलिप्तता का उल्लेख किया था। हालांकि, अदालत ने केस डायरी में दर्ज तारीखों पर ध्यान दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, एसडीपीओ की पर्यवेक्षण टिप्पणी 5 नवंबर 2024 की थी, जबकि जिस गवाह के बयान में महिला की कथित संलिप्तता का उल्लेख बताया गया, उसका बयान 15 नवंबर 2024 को दर्ज हुआ था। इस क्रम को देखते हुए अदालत ने महिला को मामले में शामिल किए जाने के आधार और परिस्थितियों पर स्पष्टीकरण मांगा।
बचाव पक्ष ने FIR और शुरुआती बयानों का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि मनोरमा देवी का नाम प्राथमिकी में नहीं था। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि शिकायतकर्ता के बाद के बयान तथा शुरुआती गवाहों के बयानों में भी उनका नाम नहीं आया था।
अदालत के समक्ष यह सवाल भी रखा गया कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर महिला के खिलाफ अपराध का मामला कैसे बनता है। ये दलीलें बचाव पक्ष की ओर से रखी गई थीं; इन पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष को इस रिपोर्ट का हिस्सा नहीं माना जाना चाहिए।
कोर्ट ने गिरफ्तारी से दी राहत
अदालत ने मनोरमा देवी को गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया और मामले में पुलिस की ओर से उन्हें आरोपी बनाए जाने के आधार पर स्पष्टीकरण मांगा। इसके लिए रोहतास एसपी और एसडीपीओ कुमार वैभव को 21 सितंबर 2026 को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। आदेश की एक प्रति रोहतास एसपी को भी भेजे जाने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है।
आज की सुनवाई पर टिकी नजर
अब इस मामले में 21 सितंबर को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण है। अदालत के निर्देश के मुताबिक एसपी और एसडीपीओ को महिला को मामले में शामिल किए जाने के आधार और परिस्थितियों पर अपना पक्ष रखना है।
दैनिक भारतवर्ष के लिए महत्वपूर्ण: इस खबर में अभी अदालत द्वारा 21 सितंबर की सुनवाई के बाद दिया जाने वाला कोई नया आदेश या पुलिस अधिकारियों की ओर से दिया गया जवाब शामिल नहीं किया गया है। जैसे ही अदालत की आज की कार्यवाही का आधिकारिक विवरण उपलब्ध होगा, खबर को उसी आधार पर अपडेट किया जाना उचित होगा।















