न्यूज़ डेस्क : सहरसा | दैनिक भारतवर्ष
बिहार के सहरसा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के सरडीहा पंचायत स्थित सरडीहा गांव के मध्य टोला में सत्यनारायण पूजा का प्रसाद खाने के बाद 100 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। बीमार लोगों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं। कई लोगों ने उल्टी और दस्त की शिकायत की है। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ बीमार पड़ने के बाद गांव में चिंता का माहौल बन गया।
पूजा के बाद कई परिवारों में फैल गई बीमारी
जानकारी के अनुसार, गांव में एक परिवार के यहां सत्यनारायण पूजा का आयोजन हुआ था। पूजा के बाद ग्रामीणों के बीच प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद खाने के अगले दिन कुछ लोगों की तबीयत खराब होने लगी। शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे सामान्य बीमारी समझा, लेकिन बाद में उल्टी और दस्त की शिकायत वाले लोगों की संख्या बढ़ती गई।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक, गांव के कई परिवारों में एक से अधिक लोग बीमार हुए। महिलाओं और बच्चों के भी प्रभावित होने की बात सामने आई है।

मेडिकल टीम गांव पहुंची, अस्थायी कैंप लगाया गया
बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडलीय अस्पताल से मेडिकल टीम को गांव भेजा गया। मरीजों की जांच और उपचार के लिए गांव में अस्थायी मेडिकल कैंप भी लगाया गया।
स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रभावित लोगों की जांच कर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं। टीम ने गांव के अलग-अलग घरों में जाकर भी बीमार लोगों की स्थिति का जायजा लिया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार फिलहाल मरीजों की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
सिविल सर्जन ने गांव पहुंचकर लिया हालात का जायजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहरसा के सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद भी प्रभावित गांव पहुंचे। उन्होंने बीमार लोगों और उनके परिवारों से जानकारी ली तथा मौके पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों से उपचार व्यवस्था की स्थिति जानी।
जिला प्रशासन की वेबसाइट पर डॉ. राज नारायण प्रसाद को सहरसा का सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी बताया गया है।
क्या प्रसाद खाने से ही हुई बीमारी?
यह इस पूरे मामले का सबसे अहम सवाल है। लोगों के बीमार पड़ने का समय पूजा के प्रसाद के सेवन के बाद का बताया जा रहा है, लेकिन बीमारी का वास्तविक कारण अभी आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों की निगरानी की जा रही है। इसलिए फिलहाल इसे निश्चित रूप से प्रसाद से हुई फूड पॉइजनिंग कहना जल्दबाजी होगी। जांच के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गांव में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी
एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में निगरानी कर रही है। प्रशासन के सामने फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित लोगों का उपचार और उनकी स्थिति पर नजर बनाए रखना है।
ग्रामीणों के लिए भी यह घटना सामूहिक भोजन और खाद्य सामग्री की स्वच्छता को लेकर सावधानी का संकेत है। हालांकि, इस मामले में किसी व्यक्ति या परिवार को बीमारी के लिए जिम्मेदार ठहराना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
‘दैनिक भारतवर्ष’ की नजर
सहरसा के सरडीहा गांव में सामने आई इस घटना में अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार 100 से अधिक लोगों के बीमार पड़ने की बात सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर पहुंचकर उपचार शुरू कर दिया है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
महत्वपूर्ण: बीमारी की वजह और प्रभावित लोगों की अंतिम संख्या के संबंध में स्वास्थ्य विभाग की आगे की जांच अथवा आधिकारिक जानकारी आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी। ‘दैनिक भारतवर्ष’ इस मामले से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखेगा।
















