शिबू सोरेन की पत्नी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, बड़ी संख्या में नेता और लोग हुए शामिल
रामगढ़/रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन को गुरुवार को उनके पैतृक गांव नेमरा में अंतिम विदाई दी गई। उनके पुत्र और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में राज्य के कई मंत्री, विधायक, सांसद, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहे।
रांची में निधन के बाद नेमरा लाई गईं रूपी सोरेन
रूपी सोरेन का बुधवार, 7 अक्टूबर की शाम रांची के बरियातू स्थित हिल व्यू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में निधन हुआ था। अस्पताल की ओर से मिली जानकारी के अनुसार उन्हें सांस लेने में परेशानी के बाद 18 सितंबर को भर्ती कराया गया था। उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी और निधन से पहले उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था।
निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर रांची के मोरहाबादी स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां परिवार के सदस्यों, राजनीतिक नेताओं और बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित पैतृक गांव नेमरा ले जाया गया।
नेमरा में हुआ अंतिम संस्कार
गुरुवार को नेमरा पहुंचने के बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा निकली और ढेकानाला घाट के पास उनका अंतिम संस्कार किया गया। इसी क्षेत्र में करीब 13 महीने पहले उनके पति शिबू सोरेन का भी अंतिम संस्कार हुआ था।
उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के अनुसार अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां को मुखाग्नि दी। शाम तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो गई।
अंतिम विदाई में जुटे राजनीतिक और प्रशासनिक लोग
रूपी सोरेन के अंतिम संस्कार में झारखंड सरकार के कई मंत्री, पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव, डीजीपी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी शामिल हुए। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। नेमरा में बड़ी संख्या में आम लोग भी अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए पहुंचे।
प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए थे। नेमरा और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तथा दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
रूपी सोरेन के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख नेताओं ने शोक व्यक्त किया। राष्ट्रपति ने जनजातीय समुदायों के सशक्तीकरण और कल्याण के लिए रूपी सोरेन के योगदान को स्मरण किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रूपी सोरेन के निधन पर शोक जताते हुए उनके जनजातीय समुदायों के सशक्तीकरण से जुड़े कार्यों को याद किया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और पूरे परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने हिंदी के साथ संताली भाषा में भी शोक संदेश साझा किया।
रूपी सोरेन का राजनीतिक और सामाजिक जीवन
रूपी सोरेन केवल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और शिबू सोरेन की पत्नी के रूप में ही नहीं, बल्कि झारखंड के राजनीतिक-सामाजिक संघर्षों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण महिला के रूप में भी जानी जाती थीं।
उन्होंने 1999 में अविभाजित बिहार के दौरान दुमका लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उनका मुकाबला भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी से हुआ था। हालांकि इसके बाद उन्होंने सक्रिय चुनावी राजनीति से दूरी बनाए रखी और परिवार तथा शिबू सोरेन के संघर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहीं।
इस वर्ष उन्होंने अपने दिवंगत पति शिबू सोरेन की ओर से मरणोपरांत पद्म भूषण भी ग्रहण किया था। शिबू सोरेन का अगस्त 2025 में निधन हुआ था।
करीब 14 महीने के भीतर परिवार को दूसरा बड़ा झटका
शिबू सोरेन के निधन के करीब 14 महीने बाद रूपी सोरेन का निधन सोरेन परिवार के लिए दूसरा बड़ा व्यक्तिगत आघात है। मां के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भावुक संदेश में कहा कि पिता के जाने के बाद उनकी मां ही उनकी सबसे बड़ी छांव थीं।
रूपी सोरेन के निधन के बाद झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की प्रतिक्रिया देखने को मिली। उनके अंतिम संस्कार के साथ ही नेमरा में सोरेन परिवार के एक और वरिष्ठ सदस्य की अंतिम विदाई पूरी हो गई।
दैनिक भारतवर्ष की नजर में
रूपी सोरेन का निधन झारखंड के राजनीतिक परिवार से जुड़ी एक बड़ी व्यक्तिगत क्षति होने के साथ-साथ राज्य के सामाजिक और जनजातीय जीवन से जुड़ी एक चर्चित हस्ती के निधन के रूप में सामने आया है। उनके अंतिम संस्कार में विभिन्न राजनीतिक दलों और समाज के लोगों की मौजूदगी ने उनके व्यापक सार्वजनिक संबंधों को भी रेखांकित किया।
















