एमिटी यूनिवर्सिटी के बाहर विवाद के बाद विधायक पुत्र को जबरन ले जाने का आरोप, पुलिस ने कुछ घंटों में बरामद किया; FIR दर्ज होने के बाद जांच तेज
न्यूज़ डेस्क : रांची | दैनिक भारतवर्ष
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में चतरा से लोजपा (रामविलास) विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ कुमार के साथ कथित मारपीट और उन्हें जबरन वाहन में ले जाने के मामले ने पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। घटना 7 सितंबर की शाम एमिटी यूनिवर्सिटी के बाहर की बताई जा रही है। पुलिस ने कुछ ही घंटों में सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया था। बाद में उनकी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी भी दर्ज की गई।
यूनिवर्सिटी गेट के बाहर हुआ था विवाद
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सौरभ एक निजी विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई कर रहे हैं। सोमवार शाम विश्वविद्यालय से निकलने के बाद उनके और कुछ अन्य युवकों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद के बाद कुछ युवक वाहनों से मौके पर पहुंचे और सौरभ के साथ मारपीट की। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर जबरन वाहन में बैठाकर वहां से ले जाया गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। आसपास के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी माध्यमों की मदद से युवक की तलाश की गई और कुछ घंटों के भीतर सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया छात्र विवाद का एंगल
शुरुआती पुलिस जांच में मामला दो छात्र समूहों के बीच हुए विवाद से जुड़ा होने की बात सामने आई है। पुलिस ने इसे सीधे अपहरण का मामला मानने के बजाय पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच शुरू की है। पुलिस के अनुसार विवाद की शुरुआत कैसे हुई और सौरभ को किन परिस्थितियों में वाहन में ले जाया गया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
रांची सिटी एसपी पारस राणा के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि शुरुआती जांच में घटना के पीछे छात्रों के बीच व्यक्तिगत विवाद और मारपीट का पहलू सामने आया है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले घटना को निश्चित रूप से अपहरण कहना उचित नहीं होगा।
सौरभ की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज
8 सितंबर को विधानसभा थाना पुलिस ने सौरभ की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की। रिपोर्ट के मुताबिक शिकायत में चार-पांच लोगों के साथ कुछ अज्ञात आरोपियों का भी उल्लेख किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
एक स्थानीय रिपोर्ट में प्राथमिकी में नौ नामजद लोगों का उल्लेख होने तथा मारपीट, जबरन वाहन में ले जाने और सामान छीनने जैसे आरोप लगाए जाने की बात कही गई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही मानी जानी चाहिए।
विधायक ने पुलिस की कार्रवाई पर जताया आभार
घटना के बाद विधायक जनार्दन पासवान रांची पहुंचे थे। बेटे की सकुशल बरामदगी के बाद उन्होंने रांची पुलिस और पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार जताया।
अब जांच में इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
इस पूरे मामले में पुलिस मुख्य रूप से यह पता लगाने में जुटी है कि—
- विश्वविद्यालय के बाहर विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई?
- मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे?
- सौरभ को वाहन में किस परिस्थिति में ले जाया गया?
- घटना में शामिल सभी आरोपियों की भूमिका क्या थी?
- क्या मामला केवल छात्र विवाद तक सीमित था या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था?
पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सौरभ के सकुशल बरामद होने के बाद पुलिस प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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