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रांची HEC अतिक्रमण अभियान पर हाईकोर्ट की रोक

रांची HEC में अतिक्रमण अभियान पर हाईकोर्ट की रोक, 31 दिसंबर तक मिली मोहलत

बुलडोजर कार्रवाई के बीच अदालत का हस्तक्षेप; प्रशासन ने रोकी कार्रवाई, सरकारी जमीन खाली करने के लिए तय की गई समयसीमा

न्यूज़ डेस्क : रांची | दैनिक भारतवर्ष

झारखंड की राजधानी रांची के HEC क्षेत्र में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर हाईकोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप किया है। अदालत के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने मौके पर चल रही कार्रवाई रोक दी। हाईकोर्ट ने संबंधित लोगों को 31 दिसंबर 2026 तक सरकारी जमीन से अपना अतिक्रमण स्वयं हटाने का समय दिया है।

पिछले दिनों HEC बाईपास रोड क्षेत्र में जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी। अभियान के दौरान कुछ निर्माण हटाए गए और प्रभावित लोगों की ओर से कार्रवाई को लेकर आपत्ति भी सामने आई। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद रुकी प्रशासनिक कार्रवाई

रिपोर्टों के अनुसार, शुक्रवार 18 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने रांची के उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक को प्रशासनिक कार्रवाई रोकने का निर्देश दिया। आदेश मिलने के बाद मौके पर मौजूद प्रशासनिक टीम और पुलिस बल को वापस बुला लिया गया।

अदालत ने प्रभावित लोगों को तत्काल कार्रवाई से राहत देते हुए 31 दिसंबर तक सरकारी जमीन खाली करने का समय दिया है। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई कर सकता है।

HEC क्षेत्र में क्यों चल रहा था अतिक्रमण अभियान?

HEC क्षेत्र में सरकारी जमीन और सड़क से जुड़े हिस्सों पर अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से अभियान चलाया जा रहा था। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना बताया गया है।

दूसरी ओर, अभियान से प्रभावित लोगों की ओर से समय देने और पुनर्वास जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक कार्रवाई से उनके सामने आवास और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी समस्याएं खड़ी हो गईं। इन दावों को स्थानीय पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए।

31 दिसंबर तक क्या होगा?

हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार प्रभावित लोगों को 31 दिसंबर तक सरकारी जमीन से स्वयं अतिक्रमण हटाने का समय मिला है। इसके बाद प्रशासन कानून और अदालत के निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई कर सकता है।

इससे फिलहाल HEC क्षेत्र में चल रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान रुक गया है। हालांकि, दिसंबर के बाद की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रभावित लोग जमीन खाली करते हैं या मामले में आगे कोई न्यायिक आदेश आता है।

पुनर्वास की मांग भी उठी

हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद HEC क्षेत्र के प्रभावित लोगों की ओर से पुनर्वास की मांग भी तेज हुई है। स्थानीय प्रतिनिधियों और बस्ती से जुड़े लोगों ने प्रभावित परिवारों के लिए पहले पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग उठाई है।

इस बीच प्रशासनिक कार्रवाई रुकने से प्रभावित लोगों को फिलहाल कुछ समय मिला है, लेकिन सरकारी जमीन पर कब्जे का मूल विवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

आगे की नजर हाईकोर्ट के निर्देशों और प्रशासनिक कार्रवाई पर

रांची HEC क्षेत्र का यह मामला अब अदालत के अगले निर्देश और 31 दिसंबर की समयसीमा के कारण महत्वपूर्ण बना हुआ है। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के कारण प्रशासन को कार्रवाई रोकनी पड़ी है। आगे प्रभावित लोगों की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और प्रशासन 31 दिसंबर के बाद किस प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ता है, इस पर नजर रहेगी।

दैनिक भारतवर्ष इस मामले में अदालत के अगले आदेश और प्रशासन की आधिकारिक कार्रवाई से जुड़ी जानकारी मिलने पर पाठकों तक अपडेट पहुंचाएगा।

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