रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर हुई प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा, विजेताओं को प्रमाण-पत्र देकर किया गया सम्मानित
न्यूज़ डेस्क : रोहतास | दैनिक भारतवर्ष
सासाराम: राजेंद्र विद्यालय में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति रुचि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित राखी निर्माण प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। रक्षाबंधन पर्व की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रतियोगिता में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हुए अपनी कलात्मक क्षमता और कल्पनाशीलता का प्रदर्शन किया।
विद्यालय की प्रातःकालीन सभा में आयोजित सम्मान समारोह की शुरुआत चेयरपर्सन श्रीमती गीता सिन्हा के संबोधन से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक एवं सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी प्रतियोगिता में पुरस्कार प्राप्त करना उपलब्धि है, लेकिन उसमें उत्साह के साथ भाग लेना भी विद्यार्थियों के सीखने और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विजेता विद्यार्थियों को प्रदान किए गए प्रमाण-पत्र
प्रतियोगिता में प्रत्येक कक्षा से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को चेयरपर्सन श्रीमती गीता सिन्हा ने प्रमाण-पत्र प्रदान किए। सम्मान मिलने पर विद्यार्थियों में उत्साह और खुशी देखने को मिली। विद्यालय की ओर से आयोजित इस सम्मान ने प्रतिभागियों के मनोबल को बढ़ाने के साथ अन्य विद्यार्थियों को भी रचनात्मक गतिविधियों में आगे बढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

समारोह में विद्यालय के डायरेक्टर श्री अंजनी सिन्हा और सेक्रेटरी श्री अमित प्रकाश भी उपस्थित रहे। दोनों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और प्रतियोगिता में उनकी भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की क्षमता का आकलन केवल शैक्षणिक परिणामों से नहीं किया जाना चाहिए। कला, संस्कृति, खेल, साहित्य और अन्य सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियां भी उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन, लगन और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का संदेश दिया। साथ ही अपनी रुचि और प्रतिभा को पहचानकर उसे निरंतर बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
रचनात्मकता के साथ संस्कृति से जुड़ने का अवसर
राखी निर्माण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अलग-अलग रंगों, सजावटी सामग्रियों और अपनी कल्पनाशीलता का इस्तेमाल कर आकर्षक राखियां तैयार कीं। इन रचनाओं में विद्यार्थियों की कलात्मक दक्षता, हस्तकौशल और सौंदर्यबोध की झलक देखने को मिली।
प्रतियोगिता का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी रहा कि रचनात्मक गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और भाई-बहन के स्नेह से जुड़े रक्षाबंधन पर्व की भावनाओं से जुड़ने का अवसर मिला।
विद्यालय परिवार के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सहयोग, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और आत्म-अभिव्यक्ति की भावना विकसित करने में सहायक होती हैं। साथ ही विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में भी इनकी भूमिका रहती है।
युवराज सिंह ने किया कार्यक्रम का संचालन
प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का संचालन युवराज सिंह सर ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों के नाम और उनकी उपलब्धियों की घोषणा करते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। उनकी एंकरिंग के दौरान समारोह में उत्साह का माहौल बना रहा।
राखी निर्माण प्रतियोगिता और प्रमाण-पत्र वितरण का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रोत्साहन का अवसर रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय की ओर से विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ उनकी रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।















