लोकसभा में राहुल गांधी ने 2024 में अवधेश प्रसाद के हवाले से कहा था कि मोदी ने अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर सर्वे कराया था; आधिकारिक रिकॉर्ड में दो सर्वे का उल्लेख मिलता है।
न्यूज़ डेस्क : दिल्ली | दैनिक भारतवर्ष
अयोध्या के सर्वे को लेकर राहुल गांधी ने संसद में क्या कहा था?
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2024 में अयोध्या से लोकसभा चुनाव लड़ने की कथित योजना को लेकर दिया गया बयान एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में है। हालांकि, यह बयान नया नहीं है। राहुल गांधी ने यह दावा 1 जुलाई 2024 को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान किया था।
राहुल गांधी ने सदन में कहा था कि फैजाबाद लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने उन्हें बताया था कि नरेंद्र मोदी ने अयोध्या से चुनाव लड़ने की संभावना को लेकर सर्वे कराया था। संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार राहुल गांधी ने उस समय दो सर्वे का उल्लेख किया था और कहा था कि सर्वे करने वालों ने अयोध्या से चुनाव लड़ने पर हार की आशंका जताई थी।
राहुल गांधी ने क्या दावा किया था?
राहुल गांधी के अनुसार, अवधेश प्रसाद ने उन्हें बताया था कि सर्वे में यह संकेत मिला कि यदि नरेंद्र मोदी अयोध्या से चुनाव लड़ते हैं तो वहां की जनता उन्हें हरा सकती है। राहुल गांधी ने इसी कथित आकलन को प्रधानमंत्री के वाराणसी से चुनाव लड़ने के फैसले से जोड़ते हुए कहा था कि इसके बाद मोदी वाराणसी से चुनाव मैदान में उतरे।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अयोध्या से चुनाव लड़ने की मोदी की कथित इच्छा और सर्वे की रिपोर्ट को लेकर राहुल गांधी द्वारा किया गया दावा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक चुनाव रिकॉर्ड से प्रमाणित तथ्य नहीं है। यह राहुल गांधी द्वारा तत्कालीन सांसद अवधेश प्रसाद से बातचीत के हवाले से किया गया राजनीतिक दावा है।
बाद में राहुल गांधी ने फिर उठाया था मुद्दा
लोकसभा में बयान देने के कुछ दिन बाद राहुल गांधी ने जुलाई 2024 में गुजरात के एक कार्यक्रम में भी इसी मुद्दे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उनके सर्वे करने वालों ने उन्हें वहां से चुनाव न लड़ने की सलाह दी थी। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि सर्वे में हार की स्थिति में राजनीतिक करियर पर गंभीर असर पड़ने की बात कही गई थी।
इस बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया था। समाजवादी पार्टी के फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद ने भी बाद में कहा था कि भाजपा के भीतर प्रधानमंत्री के अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर चर्चा जरूर थी। हालांकि, उन्होंने यह पुष्टि नहीं की थी कि कोई आधिकारिक सर्वे हुआ था या उसके परिणाम के आधार पर मोदी ने वाराणसी को चुना।
2024 में वाराणसी का चुनाव परिणाम क्या रहा?
2024 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी वाराणसी सीट से भाजपा के उम्मीदवार थे। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार मोदी को 6,12,970 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के अजय राय को 4,60,457 वोट मिले। मोदी ने वाराणसी सीट 1,52,513 वोटों के अंतर से जीती थी।
यह जरूर है कि 2024 में मोदी की जीत का अंतर 2014 और 2019 के मुकाबले काफी कम रहा। 2019 में उन्होंने वाराणसी से लगभग 4.80 लाख और 2014 में लगभग 3.72 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।

क्या राहुल गांधी ने कहा था कि वाराणसी में मोदी हार सकते थे?
राहुल गांधी ने अलग-अलग मौकों पर वाराणसी में मोदी की जीत के अंतर में कमी को विपक्ष के लिए महत्वपूर्ण संकेत बताया था। लेकिन सोशल मीडिया पर चल रहे कुछ संस्करणों में उनके बयान को बढ़ाकर यह कहा जा रहा है कि विपक्ष की “एक-दो छोटी गलतियों” के कारण मोदी वाराणसी में हार गए होते।
इस दावे को खबर में राहुल गांधी के राजनीतिक आकलन के तौर पर ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए, न कि चुनावी तथ्य के रूप में। उपलब्ध आधिकारिक परिणाम यह बताते हैं कि नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में 1,52,513 वोटों से जीत दर्ज की थी।
अयोध्या में भाजपा को लगा था बड़ा झटका
2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या जिस फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र में आती है, वहां भाजपा को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद ने भाजपा के लल्लू सिंह को हराकर सीट जीती थी। यही परिणाम राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं के लिए राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बना था।
दैनिक भारतवर्ष की नजर में
राहुल गांधी का अयोध्या से नरेंद्र मोदी के चुनाव लड़ने और कथित सर्वे से जुड़ा बयान 2024 का पुराना राजनीतिक दावा है, जिसे सोशल मीडिया पर फिर से प्रसारित किया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड में राहुल गांधी ने दो सर्वे का उल्लेख किया था, जबकि वर्तमान वायरल दावे में तीन सर्वे बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा, नरेंद्र मोदी के अयोध्या से चुनाव लड़ने की इच्छा या सर्वे के आधार पर वाराणसी चुनने की बात की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे पुष्ट तथ्य के बजाय राहुल गांधी द्वारा अवधेश प्रसाद के हवाले से किया गया राजनीतिक दावा कहना अधिक सटीक होगा।















