सहस्त्र मंगलेश्वर महादेव, सिद्ध हनुमान और सातों बहिनी वन दुर्गा की विधि-विधान से हुई पूजा
न्यूज़ डेस्क : रोहतास | दैनिक भारतवर्ष
सासाराम: ताराचण्डी धाम स्थित महर्षि अंजनेश आश्रम से रविवार को साधु-संतों का जत्था माँझर कुंड स्थित महर्षि विश्वामित्र मुनि सिद्धाश्रम पहुंचा। यहां सिद्धाश्रम परिसर में स्थापित सहस्त्र मंगलेश्वर महादेव, सिद्ध हनुमान एवं सातों बहिनी वन दुर्गा का वार्षिक पूजनोत्सव श्रद्धा और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।
वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय हुआ सिद्धाश्रम परिसर
वार्षिक पूजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा सिद्धाश्रम परिसर भक्तिमय हो उठा। साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं ने धार्मिक विधि के अनुसार देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की और अनुष्ठान में भाग लिया। पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
वर्षों से चली आ रही है वार्षिक पूजन की परंपरा
बताया गया कि सिद्धाश्रम परिसर में स्थापित देवी-देवताओं के वार्षिक पूजन की परंपरा पिछले कई वर्षों से चली आ रही है। इस धार्मिक परंपरा का नेतृत्व पूर्व में जगद्गुरु कौलाचार्य महर्षि अंजनेश जी महाराज करते थे। उनके द्वारा स्थापित परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष महामंडलेश्वर स्वामी रणजीतेशानंद जी महाराज के नेतृत्व में वार्षिक पूजनोत्सव आयोजित किया गया।
तीन प्रमुख देवस्थलों पर हुई विशेष पूजा
पूजनोत्सव के दौरान सिद्धाश्रम परिसर में स्थापित सहस्त्र मंगलेश्वर महादेव, सिद्ध हनुमान एवं सातों बहिनी वन दुर्गा की विधि-विधान से पूजा की गई। साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता निभाई। आयोजन के दौरान सिद्धाश्रम की धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक महत्व को लेकर भी चर्चा हुई।
धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प
पूजनोत्सव के उपरांत साधु-संतों ने सिद्धाश्रम से जुड़ी धार्मिक परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं के बीच भी विशेष उत्साह देखा गया। लंबे समय से चली आ रही वार्षिक पूजा परंपरा के निर्वहन से सिद्धाश्रम में आस्था और अध्यात्म का वातावरण बना रहा।
बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु हुए शामिल
पूजनोत्सव में रजनीश कुमार वर्मा, भोजपुर से स्वामी धनंजयानंद जी, स्वामी मुद्रिका जी, स्वामी तिलेश्वर जी, स्वामी संजयानंद जी, स्वामी सत्यनारायण जी, जय गोविंद गिरी जी, केदार सिंह, चंदन सोनी, सुदर्शन सोनी, सुरेशानंद जी, शिवलाल जी, बंटी कुमार, कन्हैया ओझा, पुष्कर बहादुर, लोकेश बहादुर, नैन सोनी एवं संजय कुमार सहित बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आस्था और परंपरा का केंद्र बना सिद्धाश्रम
माँझर कुंड स्थित महर्षि विश्वामित्र मुनि सिद्धाश्रम में आयोजित वार्षिक पूजनोत्सव धार्मिक आस्था और पुरानी परंपरा के निर्वहन का अवसर बना। पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार और प्रसाद वितरण के साथ धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
















