आदित्य कुमार की मौत के बाद छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर; संस्थान के निदेशक के इस्तीफे की मांग, पुलिस जांच और मानवाधिकार आयोग के संज्ञान से मामले ने पकड़ा तूल
रांची/झारखंड | दैनिक भारतवर्ष
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) रांची में प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की मौत के बाद परिसर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। 10 अक्टूबर 2026 की रात हुई इस घटना ने छात्रावास की आपात चिकित्सा व्यवस्था, एंबुलेंस की उपलब्धता और संस्थान की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 12 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
छात्रावास में क्या हुआ था?
प्राप्त समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, 10 अक्टूबर की रात खेलगांव थाना क्षेत्र स्थित IIIT रांची के छात्रावास में आदित्य कुमार अपने कमरे में गंभीर अवस्था में पाए गए थे। सहपाठियों और संस्थान के लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में परीक्षा से जुड़े तनाव की आशंका पर भी विचार किया गया है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी।
छात्रों ने चिकित्सा सुविधा में देरी का लगाया आरोप
घटना के बाद संस्थान के विद्यार्थियों ने आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में देरी का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि समय पर एंबुलेंस, ऑक्सीजन और अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाएं मिलतीं तो स्थिति अलग हो सकती थी।
विद्यार्थियों ने छात्रावास की आपात व्यवस्था को बेहतर बनाने और घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। ये आरोप छात्रों की ओर से लगाए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
निदेशक के इस्तीफे की मांग पर अड़े विद्यार्थी
घटना के विरोध में छात्रों ने संस्थान परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारी संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव कुमार श्रीवास्तव और अकादमिक डीन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों को परिसर के बाहर से हटाकर छात्रावास क्षेत्र में भेजे जाने की भी खबर सामने आई। इसके बावजूद विद्यार्थियों ने अपना आंदोलन जारी रखा। संस्थान के प्रबंधन की ओर से निदेशक के इस्तीफे की पेशकश से संबंधित दावे का खंडन किए जाने और मामले को गवर्निंग बॉडी द्वारा देखे जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
रांची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौत के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक जांच की जा रही है। छात्रावास के कमरे की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण की जानकारी भी सामने आई है।
मृतक के परिवार को घटना की सूचना दे दी गई थी। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, पिता की ओर से संस्थान प्रबंधन पर लापरवाही और उदासीनता का आरोप लगाते हुए खेलगांव थाने में लिखित शिकायत भी दी गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के संज्ञान लेने की जानकारी भी सामने आई है। आयोग से जुड़ी सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, छात्र की मौत की परिस्थितियों, कथित तौर पर चिकित्सा सहायता मिलने में हुई देरी और संभावित प्रशासनिक लापरवाही के पहलुओं की जांच का विषय उठाया गया है।
आयोग का संज्ञान अपने आप में किसी पक्ष को दोषी ठहराने का निर्णय नहीं है। मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित तथ्यों और जांच के निष्कर्षों का सामने आना जरूरी है।
छात्र सुरक्षा और आपात व्यवस्था पर फिर चर्चा
IIIT रांची की घटना ने उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रावास की सुरक्षा और चिकित्सा आपातकाल से निपटने की तैयारी पर बहस तेज कर दी है। परिसर में एंबुलेंस, ऑक्सीजन, प्राथमिक उपचार, प्रशिक्षित कर्मचारियों और चौबीसों घंटे उपलब्ध चिकित्सा सहायता जैसी सुविधाओं की उपयोगिता इस घटना के बाद फिर चर्चा में है।
छात्रों की मांग है कि संस्थान आपातकालीन व्यवस्था की समीक्षा करे और भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल तैयार करे। वहीं, घटना के वास्तविक कारण और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसका निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है।
दैनिक भारतवर्ष की नजर में
IIIT रांची में आदित्य कुमार की मौत के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन संस्थान की आपात चिकित्सा व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़े सवालों को सामने लाया है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मौत के कारणों की अंतिम पुष्टि का इंतजार है। मामले में सभी आरोपों और संबंधित पक्षों के बयानों को जांच के निष्कर्षों के साथ देखना जरूरी होगा।
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