• HINDI NEWS
  • अपराध
  • 13 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में दोषी को चार साल की कैद, 2 हजार रुपये जुर्माना
चुटिया जानलेवा हमला मामला

13 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में दोषी को चार साल की कैद, 2 हजार रुपये जुर्माना

चुटिया के तेनवा टोला सिवान में 2013 में युवक को गर्दन में कट्टा सटाकर मारी गई थी गोली, नौ गवाहों की हुई गवाही

न्यूज़ डेस्क : रोहतास | दैनिक भारतवर्ष

सासाराम: चुटिया थाना क्षेत्र में करीब 13 साल पहले हुए जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। जिला जज-13 की अदालत ने मामले में दोषी पाए गए अभियुक्त मनोज कहार, निवासी तीउरा, चुटिया को चार साल के कारावास और कुल 2,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने भारतीय दंड विधान की धारा 307 और शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत अलग-अलग सजा सुनाई, हालांकि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अपर लोक अभियोजक सुग्रीव चौधरी के अनुसार, यह मामला 19 फरवरी 2013 की शाम चुटिया थाना क्षेत्र के तेनवा टोला के सिवान में हुई घटना से जुड़ा है।

मोटरसाइकिल से जा रहे युवक को गर्दन में कट्टा सटाकर मारी गोली

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, घटना के दिन मामले के सूचक रामप्रवेश पासवान, निवासी तीउरा, चुटिया का पुत्र मुन्ना पासवान मोटरसाइकिल से जा रहा था। इसी दौरान घटनास्थल पर अभियुक्त ने कथित तौर पर मुन्ना पासवान की गर्दन में कट्टा सटाकर गोली मार दी।

गोली लगने के बाद मुन्ना पासवान गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया था। घटना के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी और मामला न्यायालय में पहुंचा।

नौ गवाहों की न्यायालय में हुई गवाही

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल नौ गवाहों की गवाही न्यायालय में दर्ज कराई गई। उपलब्ध अदालती विवरण के अनुसार, सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने मनोज कहार को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

धारा 307 में चार साल और शस्त्र अधिनियम में तीन साल की सजा

अदालत ने अभियुक्त मनोज कहार को भारतीय दंड विधान की धारा 307 के तहत चार वर्ष के कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत तीन वर्ष के कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा दी गई।

अदालत के आदेश के अनुसार दोनों कारावास की सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इस तरह प्रभावी कारावास की अवधि चार वर्ष होगी। दोनों धाराओं में लगाए गए अर्थदंड की कुल राशि 2,000 रुपये है।

13 साल बाद आया अदालत का फैसला

यह मामला वर्ष 2013 की घटना से संबंधित है और करीब 13 वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। मामले में अभियोजन पक्ष ने गवाहों की गवाही के आधार पर अपना पक्ष रखा, जिसके बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर फैसला सुनाया।

शेयर करें :

यह भी पढ़ें

सासाराम समाहरणालय के समक्ष छात्राओं से जुड़े मामले को लेकर भाजपा रोहतास का विरोध प्रदर्शन

छात्राओं से जुड़े यौन उत्पीड़न के आरोपों पर सासाराम में भाजपा का प्रदर्शन, कांग्रेस सांसद पर कार्रवाई की मांग

रोहतास भाजपा ने समाहरणालय के समक्ष जताया विरोध; जिला अध्यक्ष संतोष पटेल के नेतृत्व में जुटे पार्टी पदाधिकारी…

रोहतास के डेहरी नहर हादसे में लक्ष्मी कुमारी का शव मिलने से जुड़ी खबर

रोहतास: डेहरी की नहर में डूबी लक्ष्मी कुमारी का शव मिला, परिवार में मचा कोहराम

घरेलू विवाद के बाद नहर में कूदने की बात आई सामने, पत्नी को बचाने के लिए पति ने…

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा समाचार

दिल्ली में चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन तेज, सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत पर उठाए सवाल

मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विवाद गहराया; शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हिरासत, मेट्रो सेवाओं और नागरिकों की आवाजाही…

बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि हस्तांतरित / मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

बिहार में 1.08 करोड़ पेंशनधारियों के खाते में पहुंचे ₹1,237 करोड़, जानिए किसे मिली कितनी राशि

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सितंबर 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन का किया भुगतान; वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को…

dainik_bharatvarsh_ad_1920x300

Scroll to Top