हवा में हिचकोले खा रहा था विमान और नशे में था कप्तान; एयर इंडिया पायलट के दोनों डोप टेस्ट निकले पॉजिटिव
न्यूज़ डेस्क : दिल्ली | दैनिक भारतवर्ष (विशेष रिपोर्ट)
नई दिल्ली: टर्बुलेंस (हवा के दबाव में अचानक आए बदलाव) का शिकार हुई एयर इंडिया की एक उड़ान से जुड़ा एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उड़ान के दौरान विमान को संभालने वाले मुख्य पायलट का डोप (अल्कोहल/ड्रग) टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। शुरुआती जांच में विफल रहने के बाद जब पायलट का दूसरा कंफर्मेटरी डोप टेस्ट कराया गया, तो उसमें भी डोप की पुष्टि हुई है।
इस घटना के बाद विमानन नियामक संस्था DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) और एयर इंडिया प्रशासन हरकत में आ गया है। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ के इस गंभीर मामले में दोषी पायलट के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

कैसे सामने आया पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की इस फ्लाइट ने जब उड़ान भरी, तो रास्ते में विमान को तीव्र टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। टर्बुलेंस के दौरान विमान में सवार यात्रियों में दहशत फैल गई। गनीमत यह रही कि विमान को सुरक्षित लैंड करा लिया गया, लेकिन लैंडिंग के तुरंत बाद मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत क्रू मेंबर्स का मेडिकल और डोप टेस्ट किया गया।
प्री-फ्लाइट या पोस्ट-फ्लाइट mandatory जांच के तहत जब पायलट का पहला टेस्ट हुआ, तो उसमें अल्कोहल/नशीले पदार्थ की मात्रा पाए जाने के संकेत मिले। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत दूसरा (Provisional/Confirmatory) डोप टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। इससे यह साफ हो गया कि पायलट उड़ान के दौरान नशे की हालत में था।
DGCA के सख्त नियम और संभावित कार्रवाई
भारतीय नागरिक उड्डयन नियमों (CAR Section 5, Series F, Part III) के अनुसार, किसी भी क्रू मेंबर के लिए उड़ान से 12 घंटे पहले तक शराब या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है।
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पहली बार पकड़े जाने पर: पायलट का लाइसेंस न्यूनतम 3 महीने के लिए निलंबित (Suspend) कर दिया जाता है।
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दूसरी बार पकड़े जाने पर: लाइसेंस 3 साल के लिए निलंबित होता है।
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तीसरी बार उल्लंघन पर: पायलट का फ्लाइंग लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द (Cancel) कर दिया जाता है।
क्योंकि इस मामले में पायलट न केवल नशे में था, बल्कि विमान टर्बुलेंस जैसी आपात स्थिति से गुजर रहा था, ऐसे में DGCA इसे केवल नियम उल्लंघन न मानकर सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डालने के गंभीर अपराध की श्रेणी में रख रहा है।
एयर इंडिया का रुख
मामला सामने आते ही एयर इंडिया ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पायलट को तुरंत प्रभाव से रोस्टर (ड्यूटी) से हटा दिया है और मामले की आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं। एयरलाइन के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा और विमानन क्षेत्र की साख पर उठे इस गंभीर सवाल ने एक बार फिर उड़ानों से पहले होने वाले अनिवार्य मेडिकल जांच तंत्र पर चर्चा बढ़ा दी है।















