चौथी मंजिल से गिरने से हुई मौत, पोस्टमार्टम में अत्यधिक रक्तस्राव की बात; पुलिस ने मोबाइल, CCTV और कमरे से मिले सामान को जांच के लिए भेजा
न्यूज़ डेस्क : मथुरा | दैनिक भारतवर्ष
वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत का मामला अब कई सवालों के बीच पुलिस जांच के केंद्र में है। वृंदावन के वाराह घाट क्षेत्र स्थित गुरु कृपा कुंज की चार मंजिला इमारत से गिरने के बाद 25 वर्षीय रसिक दुलारी शरण की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई थी, लेकिन घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद पुलिस अब मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।
कमरे से मिला ग्राइंडर और शरीर पर गंभीर चोटों ने बढ़ाए सवाल
पुलिस के अनुसार मृतक के कमरे से एक ग्राइंडर/कटर बरामद हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई गंभीर चोटें और अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति सामने आने की बात रिपोर्टों में कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक मौत का कारण हेमरेजिक शॉक यानी अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुआ शॉक बताया गया है।
शरीर पर सिर, पसलियों और फेफड़े सहित कई हिस्सों में चोटें मिलने की जानकारी सामने आई है। प्राइवेट पार्ट पर भी गंभीर चोट दर्ज होने की बात रिपोर्टों में कही गई है। इस पहलू की परिस्थितियों को पुलिस अभी जांच का विषय मान रही है।
उपलब्ध पोस्टमार्टम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार रसिक दुलारी शरण के शरीर पर चोटें मुख्यतः इन हिस्सों में बताई गई हैं:
- सिर — चोट के निशान।
- छाती/पसलियां — पसलियों में चोट/फ्रैक्चर की बात रिपोर्टों में आई है।
- फेफड़े — गंभीर चोट की जानकारी रिपोर्ट हुई है।
- शरीर के निचले हिस्से/जननांग क्षेत्र — गंभीर चोट का उल्लेख कुछ रिपोर्टों में किया गया है।
- इन चोटों के कारण अत्यधिक रक्तस्राव (hemorrhagic shock) होने की बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से प्रकाशित हुई है।
CCTV में दर्ज हुआ घटना से पहले का घटनाक्रम
जांच में CCTV फुटेज भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार फुटेज में रसिक दुलारी शरण को कमरे से बाहर निकलने और बाद में इमारत की ऊपरी मंजिल की ओर जाते हुए देखा गया। इसके बाद उनके चौथी मंजिल से नीचे गिरने की घटना CCTV में दर्ज होने की बात सामने आई है।
हालांकि, CCTV से यह स्पष्ट नहीं होता कि चौथी मंजिल से गिरने से पहले उनके साथ कमरे के अंदर या आसपास वास्तव में क्या हुआ था। इसी वजह से पुलिस घटना से जुड़े दूसरे साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने मोबाइल और फॉरेंसिक साक्ष्य जांच के लिए भेजे
मामले की जांच में पुलिस ने मृतक का मोबाइल, CCTV की DVR और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार फॉरेंसिक जांच के लिए जरूरी नमूने और सामान भेजे गए हैं। पुलिस आश्रम में रहने वाले अन्य साधकों तथा मृतक के साथ रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले रसिक दुलारी शरण की गतिविधियां क्या थीं और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
परिवार ने उठाए मिलने नहीं दिए जाने को लेकर सवाल
मृतक के परिजनों ने भी मामले की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक परिवार का कहना है कि उन्होंने वृंदावन पहुंचकर रसिक दुलारी शरण से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें उनसे मिलने नहीं दिया गया। पुलिस ने इस पहलू को भी जांच के दायरे में रखा है।
पुलिस के अनुसार यह भी पता लगाया जा रहा है कि परिजनों को पहले वृंदावन आने के दौरान मृतक से मिलने से किन परिस्थितियों में रोका गया था। इस संबंध में परिजनों और मृतक के साथ रहने वाले लोगों के बयान लिए जा रहे हैं।
दो साल पहले ली थी दीक्षा, नाम बदलकर बने थे रसिक दुलारी शरण
उपलब्ध जानकारी के अनुसार दीपक लोधी मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। करीब दो वर्ष पहले वह वृंदावन आए और संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद उनका नाम रसिक दुलारी शरण रखा गया। इसके बाद वह वृंदावन में साधु जीवन व्यतीत कर रहे थे।
अभी क्या सामने आया और क्या जांच का विषय है?
इस मामले में अभी तक उपलब्ध तथ्यों को अलग-अलग स्तर पर देखना जरूरी है।
- रसिक दुलारी शरण की मौत चार मंजिला इमारत से गिरने के बाद हुई।
- पुलिस को कमरे से ग्राइंडर/कटर सहित अन्य सामान मिला।
- पोस्टमार्टम में कई गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव की जानकारी सामने आई।
- CCTV फुटेज पुलिस की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- मोबाइल और अन्य साक्ष्य फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
- पुलिस आत्महत्या की आशंका के साथ घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
- परिवार ने मौत की परिस्थितियों की गहन जांच की मांग की है।
महत्वपूर्ण: अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि मामला हत्या या किसी साजिश के रूप में साबित हो चुका है। पुलिस की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
‘दैनिक भारतवर्ष’ की पड़ताल
रसिक दुलारी शरण की मौत से जुड़े कई तथ्य सामने आ चुके हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण सवाल—घटना से ठीक पहले क्या हुआ और उनकी मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं—का अंतिम उत्तर पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल CCTV, मोबाइल डेटा, फॉरेंसिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित लोगों के बयानों को जोड़कर जांच आगे बढ़ रही है।
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