• HINDI NEWS
  • झारखण्ड
  • झारखंड में राशन कार्ड को लेकर बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से Smart-PDS; लाखों कार्डों की होगी जांच
झारखंड राशन कार्ड Smart-PDS

झारखंड में राशन कार्ड को लेकर बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से Smart-PDS; लाखों कार्डों की होगी जांच

छह महीने तक राशन नहीं लेने वाले कार्ड होंगे निष्क्रिय, दोहरी प्रविष्टि वाले लाभार्थियों की भी होगी पहचान; कार्ड दोबारा चालू कराने के लिए ई-केवाईसी जरूरी

न्यूज़ डेस्क : रांची | दैनिक भारतवर्ष

झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए राशन कार्डों की व्यापक समीक्षा की जा रही है। राज्य में चार लाख से अधिक निष्क्रिय अथवा अपात्र राशन कार्डों पर कार्रवाई किए जाने के बाद अब 1 अक्टूबर 2026 से Smart-PDS व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है। नई व्यवस्था के तहत लंबे समय से राशन का उठाव नहीं करने वाले कार्डों की स्वतः पहचान कर उन्हें निष्क्रिय किया जाएगा।

खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य ऐसे राशन कार्डों और लाभार्थियों की पहचान करना है जो निर्धारित पात्रता के दायरे में नहीं आते हैं या जिनके नाम एक से अधिक कार्डों में दर्ज हैं। इससे सरकारी खाद्यान्न योजना में होने वाली गड़बड़ियों और संभावित रिसाव पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

छह महीने राशन नहीं लिया तो कार्ड हो सकता है निष्क्रिय

नई व्यवस्था में जिन राशन कार्डों से लगातार छह महीने तक खाद्यान्न का उठाव नहीं किया गया है, उनकी पहचान नियमित रूप से की जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे कार्डों को प्रत्येक महीने की 21 तारीख को चिह्नित किया जाएगा और अगले महीने की 1 तारीख से उन्हें निष्क्रिय किया जा सकता है।

इसलिए पात्र राशन कार्डधारियों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने राशन कार्ड की स्थिति की जानकारी रखें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर आवश्यक सत्यापन पूरा करें।

कार्ड दोबारा चालू कराने के लिए ई-केवाईसी जरूरी

निष्क्रिय किए गए कार्डों को फिर से सक्रिय कराने के लिए लाभार्थियों को ई-केवाईसी और आवश्यक सत्यापन कराना होगा। इसके लिए तीन महीने तक की समय-सीमा दिए जाने की जानकारी सामने आई है। तय अवधि में सत्यापन पूरा नहीं होने पर संबंधित कार्ड को स्थायी रूप से रद्द किए जाने की कार्रवाई हो सकती है।

विभाग की व्यवस्था के अनुसार, लाभार्थियों को अपने नजदीकी उचित मूल्य की दुकान या संबंधित विभागीय केंद्र के माध्यम से राशन कार्ड की स्थिति और ई-केवाईसी की प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए।

डुप्लीकेट लाभार्थियों की भी होगी पहचान

Smart-PDS व्यवस्था में आधार आधारित मिलान सहित तकनीकी माध्यमों से एक से अधिक राशन कार्डों में दर्ज लाभार्थियों की पहचान की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित नाम को अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा सकता है। परिवार के मुखिया के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर इसकी सूचना भेजे जाने की व्यवस्था भी बताई गई है।

सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थी का नाम उचित राशन कार्ड में रखा जा सकेगा, जबकि निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर नाम हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।

अपात्र लाभार्थियों से कार्ड सरेंडर करने की अपील

झारखंड सरकार के खाद्य विभाग ने ऐसे लोगों से राशन कार्ड स्वेच्छा से समर्पित करने की अपील की है जो निर्धारित पात्रता मानदंडों में नहीं आते। रिपोर्टों के अनुसार सरकारी नौकरी, आयकरदाता होने, निर्धारित सीमा से अधिक सिंचित भूमि अथवा मोटर वाहन जैसी स्थितियां पात्रता की जांच में महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

पात्र परिवारों के लिए क्या जरूरी है?

पात्र राशन कार्डधारियों को घबराने के बजाय अपने कार्ड की वर्तमान स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए। यदि लंबे समय से राशन का उठाव नहीं किया गया है या ई-केवाईसी लंबित है, तो संबंधित उचित मूल्य की दुकान अथवा विभागीय माध्यम से जानकारी लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करना उचित होगा।

झारखंड के आधिकारिक NFSA पोर्टल पर खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, राशन कार्ड और शिकायत निवारण से संबंधित जानकारी उपलब्ध है। राज्य के लिए हेल्पलाइन नंबर 18002125512 भी दर्ज है।

सरकार का उद्देश्य क्या है?

राशन कार्डों की यह प्रक्रिया केवल कार्डों की संख्या कम करने के लिए नहीं, बल्कि सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचाने और PDS में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से जुड़ी है। हालांकि, ऐसे परिवारों के लिए समय पर सत्यापन और ई-केवाईसी पूरा करना महत्वपूर्ण होगा, जो वास्तव में सरकारी राशन के पात्र हैं।

दैनिक भारतवर्ष | व्यूज़ नहीं, न्यूज़ की बात

शेयर करें :

यह भी पढ़ें

IIIT रांची में छात्र की मौत के बाद प्रदर्शन करते विद्यार्थी (प्रतीकात्मक छवि)

IIIT रांची में छात्र की मौत के बाद उबाल, आपात चिकित्सा व्यवस्था पर उठे सवाल

आदित्य कुमार की मौत के बाद छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर; संस्थान के निदेशक के इस्तीफे की मांग, पुलिस…

बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि हस्तांतरित / मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

बिहार में 1.08 करोड़ पेंशनधारियों के खाते में पहुंचे ₹1,237 करोड़, जानिए किसे मिली कितनी राशि

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सितंबर 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन का किया भुगतान; वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को…

नेमरा में रूपी सोरेन के अंतिम संस्कार के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

नेमरा की धरती में विलीन हुईं रूपी सोरेन, हेमंत सोरेन ने दी मुखाग्नि

शिबू सोरेन की पत्नी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम…

रांची में दुर्गा पूजा 2026 के लिए तैयार हो रहे भव्य पूजा पंडाल

रांची में दुर्गोत्सव की धूम, कहीं द्वारका मंदिर तो कहीं हस्तिनापुर का राजमहल; जानिए किस इलाके में कैसी तैयारी

रांची में दुर्गापूजा के लिए अलग-अलग थीम पर तैयार हो रहे आकर्षक पंडाल; हरमू, रातू रोड, अपर बाजार,…

dainik_bharatvarsh_ad_1920x300

Scroll to Top